बारां में वन रेंज कार्यालय में मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में फरार आरोपी नरेश मीणा पर पुलिस ने 25 पैसे (चवन्नी) का इनाम घोषित किया है। इसके साथ ही उसकी तलाशी में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। किसान नेता और भगत सिंह सेना प्रमुख नरेश मीणा ने 1 नवंबर को सैकड़ों समर्थकों के साथ नाहरगढ़ रेंज कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि दफ्तर में घुसकर वनरक्षक प्रदीप सिंह व अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। सरकारी दस्तावेजों (पंचनामा) को फाड़ा गया और जब्त किया गया जनरेटर/सामान जबरन उठाकर ले जाया गया। मामले में अब तक कई समर्थक गिरफ्तार अटरू डीएसपी रामानंद यादव ने बताया-वनकर्मियों की शिकायत पर नाहरगढ़ थाने में नरेश मीणा और उनके साथियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा, मारपीट व तोड़फोड़ का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में अब तक कई समर्थकों को गिरफ्तार किया है। देर रात गुंड़ई गांव स्थित फार्म हाउस पर छापा मारा बारां पुलिस ने नरेश मीणा की तलाश में गुरुवार देर रात छीपाबड़ौद थाना क्षेत्र के गुंड़ई गांव स्थित फार्म हाउस पर छापा मारा। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही वहां मौजूद लोग इधर-उधर हो गए। पुलिस टीम ने फार्म हाउस और आसपास तलाशी ली। इस दौरान कई लोगों से पूछताछ भी की गई। नरेश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पहले भी कई ठिकानों पर छापे मार चुकी है। अधिकारियों ने कहा कि कार्रवाई जारी रहेगी और आरोपी को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। नरेश मीणा पर इतनी छोटी राशि का इनाम क्यों रखा पुलिस का उद्देश्य आरोपी को आर्थिक रूप से पकड़वाना नहीं, बल्कि उसके सामाजिक और राजनीतिक कद को ठेस पहुंचाना है। इस प्रकार का 'चवन्नी' (25 पैसे) का इनाम घोषित करके पुलिस आरोपी की छवि को जनता के बीच छोटा या हास्यास्पद दिखाना चाहती है। नरेश मीणा के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, वनकर्मियों से मारपीट करने और भीड़ को उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। इसी मामले में पुलिस ने उनके पैतृक गांव नयागांव में दबिश भी दी थी। इससे पहले पहले भरतपुर पुलिस ने भी एक मोस्ट वांटेड अपराधी को सामाजिक रूप से नीचा दिखाने के लिए 25 पैसे का इनाम घोषित किया था।