जिले में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में संबंधित विभागों की बैठक लेकर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के प्रथम चरण की पालना सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण मंडल, भरतपुर के क्षेत्रीय अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि डीग में 21 अक्टूबर से ग्रेप-1 लागू है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 से 300 होने पर पहला, 300 से 400 पर दूसरा, 400 से 450 पर तीसरा और 450 से अधिक होने पर चौथा चरण लागू किया जाता है। धूल और कचरे पर रहेगी नजर कलेक्टर ने निर्माण एवं ध्वस्तीकरण स्थलों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए नियमित पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए। नगर परिषद को कचरा निर्धारित स्थानों पर डलवाने और उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। पुराने वाहनों की होगी जांच प्रदूषण फैलाने वाले पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। जिन वाहनों के पास प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) नहीं है, उनकी सूची तैयार कर परिवहन विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बिजली कटौती कम रखने और कोयला-लकड़ी के स्थान पर गैस व बिजली जैसे स्वच्छ ईंधनों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। जाम कम करने के लिए भी निर्देश शहर के लक्ष्मण मंदिर क्षेत्र और कोशी चौराहे पर यातायात जाम की समस्या दूर करने के लिए यातायात पुलिस और नगर परिषद को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। बैठक में जेवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता बनवारी लाल वर्मा, नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह, जिला परिवहन अधिकारी राधेश्याम शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।