जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश रेखा यादव ने बुधवार को धौलपुर जिला कारागृह का साप्ताहिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों से उनके मामलों की न्यायिक कार्यवाही, सजा, अपील और वकील की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। साथ ही पात्र बंदियों को निशुल्क वकील और कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने निर्देश दिए कि आर्थिक तंगी या अन्य किसी कारण से कोई भी व्यक्ति न्याय पाने से वंचित नहीं रहना चाहिए। प्रिजन लीगल एड क्लिनिक की व्यवस्थाएं जांचीं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के दिशा-निर्देशों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो के निर्देशन में निरीक्षण किया गया। रेखा यादव ने जेल में संचालित प्रिजन लीगल एड क्लिनिक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए। बंदियों से पूछा, मिल रही है कानूनी सहायता? निरीक्षण के दौरान रेखा यादव ने बंदियों से पूछा कि उनके मामलों की पैरवी के लिए आवश्यक कानूनी मदद मिल रही है या नहीं। जिन बंदियों को कानूनी सहायता की जरूरत थी, उन्हें उपलब्ध सुविधाओं और मदद प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि जरूरतमंद बंदियों को समय पर कानूनी सहायता मिल सके। आर्थिक तंगी न्याय में बाधा नहीं बने रेखा यादव ने कहा कि आर्थिक तंगी या किसी अन्य वजह से कोई भी व्यक्ति न्याय पाने से वंचित नहीं रहना चाहिए। पात्र बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क वकील और कानूनी सलाह उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने बंदियों से अपने संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित प्राधिकरण से संपर्क करने का आह्वान किया। ये रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अमित कम्ठान, स्टेनोग्राफर राहुल डंडौतिया, जेल अधीक्षक सुमन कुमारी मीणा, कारागृह स्टाफ और बंदी मौजूद रहे।