धौलपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तगावली में एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया। यह शिविर “ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे” अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसका मुख्य विषय “बाल विवाह एवं घरेलू हिंसा रोकें - बचपन और भविष्य की रक्षा करें” था। प्राधिकरण की सचिव रेखा यादव ने विद्यार्थियों को बाल विवाह, घरेलू हिंसा और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति होने के साथ-साथ कानूनन दंडनीय अपराध भी है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार, विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित है। सचिव यादव ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं को शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक उत्पीड़न से सुरक्षा का अधिकार प्राप्त है। पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा, निवास, भरण-पोषण और निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। 'कोर्ट वाली दीदी' सुझाव पेटिका की दी जानकारी शिविर में बच्चों को 'कोर्ट वाली दीदी' सुझाव पेटिका के बारे में बताया गया। बच्चे अपनी शिकायतें लिखकर इस पेटिका में डाल सकते हैं, जिसकी चाबी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय के पास रहती है। इसके अलावा बच्चों को नालसा टोल फ्री नंबर 15100, पुलिस हेल्पलाइन 100 एवं 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि महेश ठाकुर, अध्यापक जगपाल सिंह, एएनएम चंद्रकला, आशा सहयोगिनी भगवती देवी, भारती राजपूत, मुन्नी देवी सहित विद्यालय स्टाफ और ग्रामीण मौजूद रहे।