धौलपुर की सैंपऊ तहसील के बसई नवाब क्षेत्र में बिजली लाइन पर काम करते समय संविदाकर्मी रवि पुत्र रामनिवास की करंट लगने से मौत के मामले में परिजनों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग के दो लाइनमैन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि रवि ने काम करने से पहले शटडाउन लिया था, इसके बावजूद बिजली लाइन चालू कर दी गई। मामले में परिजनों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर लाइनमैन राधवेंद्र उर्फ रवि शर्मा और इरफान को तत्काल निलंबित करने तथा निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर जाटव समाज ने आंदोलन की चेतावनी दी है। शटडाउन के बाद लाइन चालू करने का आरोप परिजनों के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 को रवि को पिपहेरा फीडर पर बिजली लाइन का काम करने के लिए भेजा गया था। आरोप है कि उसने बसई नवाब और पिपहेरा फीडर के प्रभारी राधवेंद्र उर्फ रवि शर्मा और इरफान से शटडाउन लिया था। इसके बावजूद अचानक बिजली लाइन चालू कर दी गई, जिससे रवि करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। दो लाइनमैन के खिलाफ मामला दर्ज मामले में 23 अक्टूबर को कोलारी थाने में राधवेंद्र उर्फ रवि शर्मा और इरफान के खिलाफ साजिश के तहत हत्या का मामला दर्ज कराया गया। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। जांच प्रभावित होने की जताई आशंका जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में परिजनों ने कहा कि आरोपित स्थानीय क्षेत्र के निवासी होने के साथ संबंधित फीडरों के प्रभारी भी हैं। ऐसे में जांच प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने दोनों लाइनमैन को जांच पूरी होने तक निलंबित करने और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी परिजनों और ग्रामीणों ने मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। जाटव समाज ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं हुई, तो समाज आंदोलन करेगा।