पीबीएम अस्पताल की नई मेडिसिन विंग में नेफ्रोलॉजी विभाग के लिए 10 बेड का नया वार्ड बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपए से डायलिसिस की दस नई मशीनें खरीदी जाएंगी। दरअसल नेफ्रोलॉजी विभाग का ओपीडी यूरोलॉजी विभाग के जर्जर भवन में चल रहा है। उसे वहां से शिफ्ट करने के प्रयास लंबे समय से किए जा रहे थे। अब नई मेडिसिन विंग में दस बेड का नया वार्ड नेफ्रोलॉजी विभाग को दिया जाएगा। इसे लेकर मेडिसिन विभाग और मूंधड़ा चैरिटेबल ट्रस्ट के बीच सैद्धांतिक रूप से सहमति हो चुकी है। जल्द ही बैठक करके इस फैसले पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी। नेफ्रोलॉजी विभाग के लिए डायलिसिस की दस नई मशीनें खरीदने के लिए डेढ़ करोड़ रुपए के टेंडर भी कर दिए गए हैं। नेफ्रोलॉजी विभाग के पास वर्तमान में डायलिसिस की 26 मशीनें चालू हालत में हैं। 15 से अधिक कबाड़ योग्य होने के कारण पांच साल से कबाड़ में पड़ी हैं। जर्जर भवन के जीर्णोद्धार के लिए 3.66 करोड़ का इंतजार पीबीएम अस्पताल परिसर स्थित यूरो साइंस बिल्डिंग की जर्जर हालत मरीजों और चिकित्सा कर्मियों की जान के लिए लगातार खतरा बनी हुई है। इस अनसेफ भवन में यूरोलॉजी के साथ-साथ नेफ्रोलॉजी का ओपीडी और डायलिसिस वार्ड भी संचालित हो रहा है। भवन की स्थिति इतनी खराब है कि पहली मंजिल पर स्थित यूरोलॉजी ऑपरेशन थिएटर के नाले से लीकेज होने पर नीचे नेफ्रोलॉजी वार्ड में गंदा पानी और संक्रमित खून तक गिरने लगता है, जो संक्रमण का गंभीर जोखिम पैदा करता है। पिछले दिनों छत का प्लास्टर उखड़ने से फॉल्स सीलिंग गिर गई, जिससे वहां हड़कंप मच गया और मरीज व कर्मचारी बाल-बाल बचे। भवन में करीब 150 मरीज भर्ती रहते हैं, जिनकी सुरक्षा पूरी तरह दांव पर लगी हुई है। इस भवन के संपूर्ण जीर्णोद्धार, मरम्मत और बकाया निर्माण कार्यों को पूरा कराने के लिए 3.66 करोड़ रुपये का विस्तृत बजट एस्टीमेट भेजा जा चुका है, लेकिन राशि न मिलने के कारण अब तक काम शुरू नहीं हो सका है। हादसे के बाद अब नेफ्रोलॉजी के डायलिसिस मरीजों को नई मेडिसिन विंग या मर्दाना अस्पताल के आईसीयू में शिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। मेडिसिन विंग में कम पड़ रहे बेड : नेफ्रोलॉजी विभाग ने नई मेडिसिन विंग में डायलिसिस मरीजों के लिए 20 बेड की मांग कर रखी है, लेकिन मेडिसिन विभाग के मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण वहां बेड कम पड़ने लगे हैं। "नई मेडिसिन विंग में नेफ्रोलॉजी के लिए दस बेड का वार्ड बनाया जा रहा है। ट्रस्ट के साथ एक मीटिंग होनी है। उसके बाद इसे फाइनल कर दिया जाएगा।" -डॉ. परमेंद्र सिरोही, एचओडी, मेडिसिन विभाग, पीबीएम अस्पताल "डायलिसिस की दस नई मशीनें खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। वर्तमान में 26 मशीनें चालू हालत में हैं। मेडिसिन विंग में बेड मिल जाए तो मरीजों के लिए सुविधा बढ़ जाएगी।" -डॉ. जितेंद्र फलौदिया, एचओडी, नेफ्रोलॉजी विभाग, पीबीएम अस्पताल