डीडवाना में दीपावली पर पटाखों की अस्थायी दुकानों के लिए दशहरा मेला मैदान तय करने के आदेश का व्यापारियों ने विरोध किया है। उन्होंने पारंपरिक जगहों पर दुकानें लगाने की अनुमति मांगी है। शहर के अस्थायी पटाखा विक्रेता संघ और व्यापारियों ने जिला कलक्टर के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार को ज्ञापन सौंपा। इसमें मौजूदा आदेश पर फिर से विचार करने की मांग की गई है। व्यापारियों का कहना है कि दशहरा मेला मैदान शहर से दूर है, इसलिए ग्राहकों को वहां पहुंचने में परेशानी होगी। इससे छोटे और मध्यमवर्गीय व्यापारियों के कारोबार पर असर पड़ सकता है। उनके मुताबिक, दीपावली पर हर साल शहर के भीतर तय पारंपरिक जगहों पर पटाखों की दुकानें लगती रही हैं। ज्ञापन में मेला मैदान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। व्यापारियों ने कहा कि बड़े आयोजनों में भीड़ के कारण अप्रिय घटना और भगदड़ की आशंका रहती है। उनका यह भी कहना है कि नगर परिषद की ओर से मैदान में रोशनी, पानी और टेंट जैसी जरूरी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में व्यापारियों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। व्यापारियों ने कहा कि दुकानों के लिए तय जगह छोटी है। वहां अग्निरोधी टेंट लगाने और सुरक्षा नियमों के मुताबिक पटाखे सुरक्षित रखने में मुश्किल होगी। उन्होंने कहा कि सभी लाइसेंसधारी दुकानदार अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने और अग्निशामक यंत्र, बालू की बोरियां व अन्य जरूरी सुरक्षा साधन रखने को तैयार हैं। ज्ञापन के मुताबिक उपखंड अधिकारी ने कुल 58 अस्थायी पटाखा लाइसेंस जारी किए हैं। व्यापारियों ने मांग की कि स्थानीय हालात और सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखते हुए डीडवाना में भी अन्य शहरों की तरह पहले से तय पारंपरिक जगहों पर दुकानें लगाने की अनुमति दी जाए।