डीडवाना-कुचामन जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी और लू (हीटवेव) के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने मंगलवार को हीटवेव एवं तापघात से बचाव की तैयारियों की समीक्षा की और संबंधित विभागों को आमजन के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने सभी चिकित्सा संस्थानों को हीटवेव को लेकर पूरी सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों के लिए छाया, शीतल पेयजल, पंखे, कूलर, एसी, वाटर कूलर, दवाइयों और ओआरएस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सभी चिकित्सा संस्थानों में हीट स्ट्रोक ट्रीटमेंट वार्ड स्थापित करने और उपचार संबंधी सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने पर जोर दिया गया। विभागों के कार्यों की समीक्षा की कलेक्टर ने नगरीय निकाय, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और विद्युत विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए, जिसमें प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आमजन के लिए छाया और पेयजल की व्यवस्था शामिल है। मनरेगा कार्यस्थलों और विद्यालयों में भी शीतल पेयजल एवं छाया की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पशुओं को गर्मी से राहत देने के लिए सार्वजनिक खेलियों में पानी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। पेयजल सप्लाई पर विशेष जोर कलेक्टर ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को जिले में पेयजल आपूर्ति सुचारु बनाए रखने, आवश्यकतानुसार टैंकरों से जलापूर्ति करने तथा खराब हैंडपंपों और जल स्रोतों की शीघ्र मरम्मत करवाने के निर्देश दिए। सभी उपखंड अधिकारियों को फील्ड में जाकर चिकित्सा संस्थानों एवं पेयजल व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग करने के लिए कहा गया। बैठक में आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए भी निर्देश दिए गए। इसमें नालों की सफाई, जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान एवं सुधार, तथा एंटी लार्वा गतिविधियों सहित सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश शामिल थे। बैठक में ADM विकास मोहन भाटी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र चौधरी, नगर परिषद आयुक्त भगवान सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी उपखंड अधिकारी वीसी के जरिए जुड़े रहे।