डीडवाना में 'गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति भारत' के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशोर तिवारी ने भ्रूण हत्या रोकने और लिंगानुपात सुधारने के लिए अपनी संस्था का विजन साझा किया। उन्होंने समिति के उद्देश्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। तिवारी ने बताया कि यह संस्था वर्ष 1996 से संत स्वामी रामसुखदास महाराज की प्रेरणा से अखिल भारतीय स्तर पर सक्रिय है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज को भ्रूण हत्या जैसी बुराई से मुक्त करना और 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान को सफल बनाना है। संगठन पिछले 3 दशकों से जन-जागरण के माध्यम से लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रहा है। संगठन को मजबूत करने का क्रम जारी उन्होंने जानकारी दी कि संगठन को मजबूत करने के लिए पदाधिकारी लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं। वर्तमान प्रवास बीकानेर से शुरू होकर डूंगरगढ़, सालासर, सुजानगढ़ और लाडनूं होते हुए डीडवाना पहुंचा है। इसके बाद कुचामन, सीकर और जयपुर में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान शिक्षण संस्थानों में सेमिनार, संगठनात्मक बैठकें और आमजन से संकल्प पत्र भरवाने जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। गिरते लिंगानुपात पर गहरी चिंता जताई समिति के पदाधिकारी राजेंद्र दाधीच ने गिरते लिंगानुपात पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे सामाजिक संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि इससे समाज में विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती हैं। दाधीच ने आधुनिक सोच में 'बच्चे नहीं चाहिए' जैसी प्रवृत्तियों को भी चिंताजनक बताया। एडवोकेट सुनील शर्मा ने डीडवाना के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि वैचारिक परिवर्तन और अच्छे संस्कारों के माध्यम से ही बेटियों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया जा सकता है। इस अवसर पर समिति के स्थानीय कार्यकर्ता और अन्य गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे।