नई मंडी स्टेशन रोड पर 6 अप्रैल को फंसी ट्रैक्टर ट्राली। लोगों का कहना है कि मंडी तक फसल पहुंचाना अब जोखिम भरा हो गया है। प्रशासन से मांग है कि अधूरे कार्य जल्द पूरे कर सड़कों को समतल किया जाए, ताकि आमजन और किसानों को राहत मिल सके। लगातार जाम लगने से किसान समय पर मंडी नहीं पहुंच पा रहे, जिससे बिक्री प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। निर्माण एजेंसियों ने सड़क को बिना मरम्मत के ही खोल दिया, जिससे हर गुजरने वाला वाहन जोखिम में है। पानी भरने के बाद गड्ढे दिखाई नहीं देते, ऐसे में वाहन सीधे धंसते हैं और हादसे की आशंका बढ़ जाती है। अधूरा काम, तैयार हिस्सा भी असुरक्षित: शहर में निर्माण कार्य भले ही अभी अधूरे हैं, लेकिन जो हिस्सा तैयार हो चुका है, उसे भी समतल नहीं किया जा रहा है, जिससे हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। कई जगह आधी-अधूरी सड़क पर ही वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है, जहां ऊंच-नीच और गड्ढों के कारण वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं। मंगलवार को फंसी ट्रैक्टर ट्राली। शहर में चल रहे विकास कार्य अब किसानों और आमजन के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। फसल लेकर मंडी पहुंचने वाले किसानों को जगह-जगह खोदी गई सड़कों और निर्माणाधीन कार्यों के कारण भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। नई मंडी स्टेशन रोड पर पिछले तीन दिन से एक ही स्थान पर फसल से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गड्ढों में धंस रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक इन्हें गिट्टी व मिट्टी से भरने तक नहीं पहुंचे हैं। हालात यह हैं कि सड़क को खोदकर महीनों से खुला छोड़ दिया गया है। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि गहरे गड्ढों को बिना गिट्टी या मिट्टी डाले ही ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। भारी वाहन गुजरते ही धंस जाते हैं, जिससे जाम लग जाता है और राहगीरों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। करीब छह माह पहले पाइपलाइन और सीवर लाइन डालने के लिए सड़क को खोदा गया था, लेकिन आज तक इसे दुरुस्त नहीं किया गया। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लगता और वाहन अचानक संतुलन खो देते हैं। यही स्थिति कुम्हेर गेट मंडी क्षेत्र, नुमाइश रोड और अनाह गेट सर्किल पर भी बनी हुई है। बिजलीघर से बीनारायण गेट और आरबीएम अस्पताल की ओर जाने वाले रास्ते उबड़-खाबड़ हैं। बरसात में यहां कीचड़ और जलभराव, जबकि धूप में धूल के गुबार से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।