प्रतापगढ़| राष्ट्रीय राजमार्ग-56 पर क्षेत्र की निनोर रोजड़ नदी तथा सेवना ग्राम पंचायत की शिवना नदी पर निर्माणाधीन दो बड़े पुलों का कार्य पूरा होने को है। जानकारी के अनुसार करीब 8.40 करोड़ की लागत से सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) खंड अरनोद के अधीन चल रहे इस प्रोजेक्ट का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्रवासियों को मानसून के सीजन में होने वाली परेशानियों से बचाने के लिए इन पुलों से आवागमन शुरू कर दिया जाएगा, जबकि शेष फिनिशिंग कार्य सहित परियोजना को पूर्ण रूप से नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। डूंगरपुर| जिले के सागवाड़ा में 220 केवी जीएसएस का निर्माण चल रहा है। करीब 72.46 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस जीएसएस से 70-80 ग्राम पंचायतों को बिजली की आपूर्ति होगी। 42 बीघा भूमि पर बन रहे इस पावर प्रोजेक्ट का सिविल कार्य 35 फीसदी तक पूरा हो चुका है। फिलहाल बिजली उपकरण लगाने का काम चल रहा है। इस जीएसएस के बनने के बाद से सागवाड़ा क्षेत्र के किसानों और आम उपभोक्ताओं को लॉ-वोल्टेज, बार-बार फॉल्ट होने और बिजली कटौती की समस्याओं से स्थायी रूप से राहत मिलेगी। औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। परियोजना का नाम : 220 केवी जीएसएस लागत : 72.46 करोड़ रुपए कार्य की घोषणा : वर्ष 2025 कार्य पूर्ण होने की तिथि : सितंबर 2026 निर्माण एजेंसी : विद्युत प्रसारण निगम परियोजना का नाम: निनोर रोजड़ नदी एवं शिवना नदी उच्च स्तरीय पुल कुल लागत: 8.40 करोड़ कार्य शुरू होने की तिथि : मार्च, 2026 कार्य पूर्ण होने की तिथि : नवंबर, 2026 कार्यकारी एजेंसी: पीडब्ल्यूडी, खंड अरनोद परियोजना का नाम : जेजेएम स्कीम-82 लागत : 124 करोड़ रुपए कार्य शुरू होने की तिथि : 7 मार्च 2022 कार्य पूरा होने की तिथि : 31 दिसंबर 2026 निर्माण एजेंसी : दारा कंस्ट्रक्शन कंपनी, जोधपुर बांसवाड़ा| जल जीवन मिशन (जेजेएम) की स्कीम-82 का काम इस साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार 124 करोड़ की लागत से इस परियोजना का काम 7 मार्च 2022 को शुरू किया गया था। जिसके तहत तीन ब्लॉक बांसवाड़ा, तलवाड़ा और बागीदौरा के कुल 93 गांव में शुद्ध पेयजल आपूर्ति करनी है। इसमें बांसवाड़ा के 13, बागीदौरा के 37 और तलवाड़ा के 43 गांव शामिल हैं। विभाग के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में इनमें से 61 गांव में पानी की सप्लाई शुरू की जा चुकी है। यह काम प्रोजेक्ट डिवीजन प्रथम की देखरेख में जोधपुर की फर्म दारा कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है।