भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की डूंगरपुर इकाई ने मंगलवार को शहर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए साइबर थाने के एक सहायक उपनिरीक्षक और उसके दलाल पूर्व पार्षद को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी एएसआई की ओर से साइबर फ्रॉड के एक मामले में बेटी के दामाद का नाम हटाने की एवज में रिश्वत ले रहे थे। डूंगरपुर एसीबी चौकी के प्रभारी रतनसिंह राजपुरोहित ने बताया कि एक परिवादी ने चौकी पर उपस्थित होकर एक शिकायत की थी। जिसमें बताया था कि साइबर फ्रॉड से जुड़े एक प्रकरण में बेटी ओर दामाद के हटाने ओर प्रकरण में मदद करने के लिए साइबर थाने का एएसआई मदनलाल पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार के माध्यम से 2 लाख रुपए रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत पर एसीबी ने सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान 1 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। जिस पर डूंगरपुर एसीबी की टीम ने ट्रैप का जाल बिछाया और दलाल पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार और साइबर थाने के एएसआई मदनलाल को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। फिलहाल एसीबी की टीम की ओर से आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ।शहर के बीचों-बीच हुई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। 4 महीने पहले ही हुआ था प्रमोशन एएसआई मदनलाल का चार महीने पहले ही प्रमोशन हुआ था। वह हेड कॉन्स्टेबल से एएसआई के पद पर प्रमोशन के बाद भी साइबर सेल में ही कार्यरत था।