डूंगरपुर जिले के हैंडपंप कुशल श्रमिकों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने पंचायतों में वर्ष भर काम देने और निरंतर मानदेय भुगतान की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। श्रमिकों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए आम जनता पूरी तरह हैंडपंपों पर निर्भर है। हालांकि, कई पंचायतों में हैंडपंप मिस्त्रियों की भारी कमी है। वर्तमान में पंचायतों द्वारा हैंडपंपों के रखरखाव और मरम्मत के लिए श्रमिकों को केवल गर्मियों के मौसम में तीन महीने के लिए ही काम पर रखा जाता है। इसके बाद हैंडपंप श्रमिक बेरोजगार हो जाते हैं, जिससे उनके लिए परिवार का पालन-पोषण करना अत्यंत कठिन हो जाता है। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से गुहार लगाई गई है कि जनहित और पेयजल व्यवस्था की निरंतरता को देखते हुए उन्हें वर्ष भर कार्य पर यथावत रखा जाए और निरंतर मानदेय का भुगतान किया जाए, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें।