डूंगरपुर पुलिस ने पंजाब और राजस्थान के कई जिलों में वांछित और इनामी अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर भवानी सिंह भाटी को गिरफ्तार किया है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत बड़ी सफलता मिली है। तस्कर के कब्जे से 1 क्रेटा कार, 1 लाख 10 हजार रुपए नकद, 6 मोबाइल फोन और एक डोंगल भी बरामद किया है। एसपी मनीष कुमार ने बताया कि डीएसटी प्रभारी मदनलाल खटिक ने एक संदिग्ध बिना नंबर की क्रेटा कार को रोका। ड्राइवर ने अपनी पहचान 'महिपाल सिंह' बताई और एक फर्जी आधार कार्ड पेश किया। कड़ाई से पूछताछ और तलाशी के दौरान उसके पास से एक और आधार कार्ड मिला, जिससे उसकी असली पहचान बालोतरा निवासी भवानी सिंह भाटी के रूप में हुई। नशा तस्करी के कई मामले है दर्ज इसके बाद उसे हिरासत में लेकर कोतवाली थाने ले जाया गया। पूछताछ में भवानी सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड का खुलासा हुआ। वह एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ राजस्थान के बालोतरा, हनुमानगढ़, फलौदी और पंजाब के श्रीमुक्तसर साहिब में एनडीपीएस एक्ट के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। 30 हजार का इनाम था घोषित वह पंजाब के मुक्तसर साहिब में पकड़ी गई 9 हजार नशीली गोलियों के मामले में मुख्य आरोपी है और लंबे समय से फरार चल रहा था। आरोपी पर फलौदी जिले में 25,000 रुपए और हनुमानगढ़ जंक्शन में 5,000 रुपए का इनाम भी घोषित था। जांच में सामने आया कि भवानी सिंह बिना किसी वैध लाइसेंस के फर्जी बिलिंग के जरिए फार्मा कंपनियों के नाम पर भारी मात्रा में नशीली दवाइयां मंगवाता था। वह इन दवाओं की अंतरराज्यीय स्तर पर तस्करी कर नशे का नेटवर्क फैला रहा था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगामी कार्रवाई के लिए फलौदी पुलिस को सौंप दिया है।