हनुमानगढ़ में भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) जिला समिति ने मंगलवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के एसई के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें चक 1एसटीजी स्थित चर्च कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को पुनः बहाल करने की मांग की गई है। संगठन ने बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्र के करीब 70 परिवारों को पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए सार्वजनिक धन खर्च कर नई पाइपलाइन बिछाई गई थी। इसके बाद पीएचईडी और नगर परिषद की ओर से इन परिवारों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा था। पाइपलाइन बिछाने के काम पर उठाए सवाल वर्तमान में नगर परिषद प्रशासन ने इस व्यवस्था को बंद कर दिया है। प्रशासन की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि कॉलोनी वैध नहीं है। डीवाईएफआई ने इस रवैये को जनहित के विपरीत और आम नागरिकों के पेयजल जैसे मूलभूत अधिकार का हनन बताया है। संगठन ने सवाल उठाया कि यदि पाइपलाइन बिछाने का कार्य नियमों के अनुरूप नहीं था, तो उस समय सार्वजनिक धन क्यों खर्च किया गया और अब उन्हीं नियमों का हवाला देकर जलापूर्ति क्यों रोकी जा रही है। 7 दिन का दिया अल्टीमेटम डीवाईएफआई ने अपने ज्ञापन में कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पेयजल, चिकित्सा और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने की बात करती है, जबकि स्थानीय स्तर पर संवेदनशील मुद्दों पर उदासीनता बरती जा रही है। संगठन ने इस तरह के रवैये को जनता के साथ अन्यायपूर्ण करार दिया है। संगठन ने विभाग को 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि चर्च कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति पुनः शुरू नहीं की गई, तो स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर विभाग के विरुद्ध शांतिपूर्ण लेकिन चरणबद्ध जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। डीवाईएफआई ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी नैतिक और वैधानिक जिम्मेदारी पीएचईडी तथा नगर परिषद प्रशासन की होगी।