कर्मचारियों के उपार्जित अवकाश का भुगतान छह माह से अटका है, वहीं सेवानिवृत्त कार्मिक अपने ही परिलाभों के लिए 8 से 10 माह से इंतजार कर रहे हैं। भुगतान में देरी से नाराज अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ की टोंक शाखा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिलाध्यक्ष जसवंत सिंह नरूका और जिला मंत्री चौथमल चंदेल सहित बडी संख्या में कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दीपावली से पहले तीन दिन में बकाया भुगतान करने की मांग की गई। महासंघ ने मांग पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन में बताया कि कर्मचारियों के समर्पित उपार्जित अवकाश (पीएल) का नगदीकरण नियमानुसार अप्रैल के वेतन के साथ होना था, लेकिन वित्तीय वर्ष के छह माह से अधिक बीतने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। दूसरी ओर, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ), राज्य बीमा, पेंशन कम्यूटेशन, पीएल नगदीकरण और ग्रेच्युटी के भुगतान में भी 8 से 10 माह की देरी हो रही है। संगठन का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली राशि के लिए बुजुर्ग कार्मिकों को इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। महासंघ ने सरकार से लंबित भुगतान तत्काल जारी कर कर्मचारियों को राहत देने की मांग की। इस दौरान प्रदेश कोषाध्यक्ष प्रहलाद जाट, बजरंग लाल यादव, ज्ञान सिंह सांसी, रामबाबू पारी, गंगालाल जाट, धनराज सिंह राजावत, राजेंद्र सिंह चौधरी, हरिराम जाट, दिनेश जाट, इंद्रा कुमारी जैन मौजूद रहे।