भास्कर न्यूज | ब्यावर सेंदड़ा रोड स्थित मोती नगर और आसपास की कॉलोनियों के निवासियों ने जलभराव- नाले की समुचित सफाई नहीं होने की समस्या को लेकर नगर परिषद प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। क्षेत्रवासियों ने चेताया कि यदि मानसून के दौरान समय रहते नाले की सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई तो दर्जनों मकान जलमग्न हो सकते हैं। क्षेत्रवासियों ने ज्ञापन में बताया कि मोती नगर, सेंदड़ा रोड स्थित बड़ी पुलिया (जो आईओसी कॉलोनी के आगे से गुजरती है) के आसपास के क्षेत्रों जैसे मोती नगर, मुकेश नगर और पद्मावती कॉलोनी में बरसात का पानी भर जाता है। हालत यह हो जाती है कि लगभग 50 से अधिक मकानों की नींव तक पानी पहुंच जाता है, जिससे मकानों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। साथ ही मुख्य सड़क पर जलभराव के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। अतिक्रमण के कारण अटका सफाई कार्य : मोती नगर वार्ड संख्या 45 स्थित बड़े नाले की पूर्ण रूप से सफ़ाई अति आवश्यक है। निवासियों का आरोप है कि नाले पर अवैध अतिक्रमण के कारण पूर्व में वर्ष 2021 में आदेश जारी होने के बावजूद सफाई कार्य बाधित रहा। पिछले वर्ष भी भारी बारिश के दौरान जब पानी का भराव हुआ, तब नगर परिषद ने आनन-फानन में जेसीबी की मदद से कुछ अतिक्रमण हटाकर अस्थायी रूप से निकासी शुरू कराई थी। लेकिन बाद में स्थिति जस की तस हो गई और पुनः अतिक्रमण होने से नाला केवल एक संकरी नाली जितना ही रह गया है। पुनरावृत्ति रोकने के लिए शीघ्र कार्रवाई की मांग क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि पिछले वर्षों जैसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए नगर परिषद प्रशासन तुरंत प्रभाव से बड़े नाले से अतिक्रमण हटाकर उसकी गहरी सफाई का कार्य शुरू करवाए ताकि बारिश के मौसम में क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। इस अवसर पर घनश्याम सिंह, पारसमल जांगिड़, नंद किशोर, प्रहलाद सिंह, रणजीत सिंह, ओमप्रकाश, राजेश शर्मा, गोपाल शर्मा, कैलाश सिंह, समसुदीन, नसीमा बानो, जाहिद खान, नूर मोहम्मद, चांद मोहम्मद, पूरणमल, शंकरलाल, हेमराज जांगिड़, सुमन देवी, गीता, गोरधनलाल, गुलाब, एकता गौड़, रामेश्वरलाल सहित अन्य क्षेत्रवासी मौजूद थे।