मुख्य आरोपी मिठौड़ा निवासी 27 वर्षीय सुरेश कुमार विश्नोई ने ग्रेजुएशन के बाद पटवारी, ग्रामसेवक, पुलिस कांस्टेबल, वनरक्षक और एसआई भर्ती परीक्षाओं की लंबी तैयारी की थी, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। इसके बाद वर्ष 2022 में वह बेंगलुरु गया और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में दवा सप्लाई का काम करने लगा। दो साल बाद कम कमाई से परेशान होकर वह वापस गांव लौट आया। यहां वह नशे के कारोबारियों के संपर्क में आया और यूट्यूब वीडियो देखकर एमडी बनाने की तकनीक सीखी। > डॉक्टर और साथी को घर बुलाकर बेचता था माल: आरोपी सुरेश ने एमडी की बिक्री के लिए जालोर जिले के मोदरान निवासी डॉ. मुकेश विश्नोई (29) व उसके 19 वर्षीय साथी उत्कर्ष विश्नोई को मिठौड़ा स्थित अपने घर पर बुलाया था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि सिवाना और जालोर क्षेत्र में नशीले पदार्थों की सप्लाई की जा रही थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया है और उनके अन्य संपर्कों व सप्लाई नेटवर्क की गहनता से पड़ताल की जा रही है। भास्कर न्यूज | बालोतरा / पादरू बालोतरा जिले के मिठौड़ा क्षेत्र में एमडी और अन्य नशीले पदार्थों के खुलेआम कारोबार को लेकर खुलासे के बाद आखिरकार पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का बड़ा एक्शन सामने आया है। संयुक्त टीम ने मिठौड़ा गांव में एक घर के छपरे में चल रही अवैध एमडी फैक्ट्री पर दबिश देकर मुख्य आरोपी सहित तीन जनों को दबोच लिया। मौके से 3.764 किलोग्राम कच्ची एमडी, 3,41,700 रुपए नकद, केमिकल, उपकरण और एक किआ सेल्टोस कार जब्त की गई है। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में फैले नशे के अवैध कारोबार और उसकी गहरी होती सप्लाई चेन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पादरू गिरफ्त में आरोपी