उदयपुर और भीलवाड़ा में सामने आए एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही कंपनी और एक ही नंबर की गाड़ी एक ही समय पर 2 अलग-अलग जगहों पर थी। भीलवाड़ा पुलिस ने जिसके नाम गाड़ी आरटीओ में रजिस्टर्ड है उसको फोन कर हटाने के लिए कहा तो उसने कहा उसकी गाड़ी तो उदयपुर में उसके घर है। दूसरी गाड़ी जिसे फर्जी बताया गया वह भीलवाड़ा एसपी ऑफिस के बाहर खड़ी थी और उसको चलाने वाला एक पुलिस कॉन्स्टेबल था। यह मामला सामने आने पर गाड़ी मालिक सकते में आ गया और उसने दोनों जिलों के एसपी को शिकायत भेजी। अब पहले समझे पूरा मामला RJ27CK2614 नंबर की टाटा अल्ट्रोज कंपनी की एक ही कलर और मॉडल की कार भीलवाड़ा एसपी ऑफिस के बाहर खड़ी थी। गाड़ी पर ‘पुलिस’ लिखा था। भीलवाड़ा ट्रैफिक शाखा में तैनात हेड कॉन्स्टेबल लेहरू लाल ने आरटीओ में रजिस्ट्रर्ड नंबर के आधार पर गाड़ी मालिक उदयपुर जिले के गोगुंदा निवासी जयदीप सिंह पुत्र अजय सिंह झाला को मोबाइल पर कॉल कर वाहन हटाने को कहा। तब पता चला कि जयदीप की गाड़ी तो उसके घर गोगुंदा में खड़ी है। तब समझ में आया कि असली के साथ फर्जी गाड़ी भी सड़क पर दौड़ रही है। गाड़ी के मालिक जयदीप ने हाल ही में MSC पास किया है और अब वह गवर्नमेंट जॉब की तैयारी कर रहे हैं, उनके पिता सरकारी टीचर हैं। जो फर्जी गाड़ी थी वो पुलिसकर्मी के पास थी यह मामला तब और दिलचस्प हो गया जब यह सामने आया कि जिसे फर्जी गाड़ी बताया जा रहा है वह पुलिसकर्मी चला रहा था। असल में भीलवाड़ा ट्रैफिक पुलिसकर्मी को गाड़ी मालिक गोगुंदा निवासी जयदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी गाड़ी तो उनके घर के पार्किंग में खड़ी है। इस बीच पुलिसकर्मी ने जयदीप को कहा कि आपकी गाड़ी भीलवाड़ा में खड़ी है और उसकी तस्वीरें भेजी तो जयदीप सिंह चकरा गया। भीलवाड़ा में खड़ी कार पर ‘पुलिस’ लिखा हुआ था और अंदर पुलिस की टोपी भी रखी हुई थी। उसी समय भीलवाड़ा एसपी कार्यालय के बाहर एक अज्ञात व्यक्ति आया। पुलिसवर्दी में आए व्यक्ति ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी को बताया कि वह खुद भी कॉन्स्टेबल है उसका नाम राजू बताया है और वहां खड़ी उस गाड़ी को लेकर चला गया। उदयपुर-अजमेर और भीलवाड़ा में दी शिकायत असल में यह मामला 16 अप्रैल का है और 21 अप्रैल को इस संबंध में जयदीप सिंह झाला ने उदयपुर और अजमेर आईजी और उदयपुर और भीलवाड़ा SP को ई मेल से शिकायत की। जयदीप ने बताया कि उनको 16 अप्रैल की दोपहर 12.15 बजे भीलवाड़ा ट्रैफिक कॉन्स्टेबल का फोन आया और उसने अपना नाम लेहरूलाल बताया था। जयदीप झाला ने बताया कि उन्होंने 16 अप्रैल को ही गोगुंदा थाने में रिपोर्ट दी थी लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी तो उन्होंने 19 अप्रैल को वापस पुलिस थाने जाकर रिमांडइर देकर कार्रवाई की मांग की। गाड़ी मालिक ने पुलिस को रिपोर्ट दी उदयपुर के गोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह ने बताया कि घटनाक्रम तो भीलवाड़ा में हुआ है और यहां का तो कुछ मामला नहीं है। हमने परिवाद ले रखा है और इसकी जांच एएसआई विनेश कुमार को दी है। मामले की जांच अब की जाएगी। एएसआई विनेश कुमार ने भीलवाड़ा ट्रैफिक पुलिस से संपर्क कर और जानकारी जुटाई। जयदीप ने बताया कि उसने इस संबंध में उदयपुर और भीलवाड़ा एसपी कार्यालय को ई मेल कर भी पूरा माजरा बताया है। भीलवाड़ा ट्रैफिक पुलिसकर्मी लेहरूलाल को हुआ शक वहीं भीलवाड़ा के जिस ट्रैफिक पुलिसकर्मी लेहरूलाल ने उदयपुर के गोगुंदा निवासी जयदीप झाला को कॉल किया उनका कहना है कि भीलवाड़ा में एसपी कार्यालय के पास कोर्ट है मैं वहां ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहा था। तब ये गाड़ी वहां खड़ी थी, तो मैंने गाड़ी नंबर की डिटेल निकाल वाहन मालिक को कॉल किया तो पता चला गाड़ी पर जो नंबर है वह तो उदयपुर के गोगुंदा निवासी जयदीप झाला के नाम से रजिस्टर्ड है और उनकी गाड़ी तो उनके पार्किंग में ही खड़ी है। इसी बीच एसपी ऑफिस के बाहर जिसकी गाड़ी खड़ी थी वह व्यक्ति आया और गाड़ी लेकर गया। गाड़ी के अंदर सीट पर पुलिस की कैप रखी हुई थी और गाड़ी पर पुलिस लिखा हुआ था, तो शक हुआ एसपी ऑफिस के बाहर खड़ी गााड़ी फर्जी नंबर की है। इनपुट : गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा