फलोदी डीएसटी और पुलिस ने राजकार्य में बाधा और मारपीट के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले आठ महीने से फरार चल रहा था। डिस्कॉम टीम के साथ की थी मारपीट पुलिस के अनुसार, पहला मामला 3 सितंबर 2025 को जोधपुर डिस्कॉम के सहायक अभियंता हनुमानराम चौधरी ने थाना फलोदी में दर्ज करवाया गया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि डिस्कॉम टीम अवैध बिजली कनेक्शनों की जांच के लिए मटोलचक क्षेत्र में गई थी। कार्रवाई के बाद लौटते समय पूनाराम गोदारा व अन्य लोगों ने टीम के साथ मारपीट की और सरकारी वाहन की चाबी छीन ली। इसी दौरान आरोपी शिशपाल और नवाज शरीफ पिकअप लेकर पहुंचे और टीम के साथ मारपीट की। इस मामले में राजकार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। पुरानी रंजिश को लेकर युवक पर हमला दूसरा मामला 22 जनवरी 2026 को दर्ज हुआ था। परिवादी संजय निवासी डेर की ढाणी खारा ने रिपोर्ट देकर बताया कि 21 जनवरी की रात वह अपने साथी सुनील के साथ होटल से घर लौट रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर शिशपाल और अन्य आरोपियों ने उन पर हमला कर मारपीट की थी। एसपी सतनाम सिंह ने बताया कि डीएसटी फलोदी को 11 मई को तकनीकी सूचना मिली कि आरोपी शिशपाल उर्फ शिशराम पुत्र सोनाराम विश्नोई निवासी दयासागर खारा, थाना फलोदी दयासागर खारा क्षेत्र में मौजूद है। इस सूचना के आधार पर एडीशनल एसपी ब्रजराज सिंह चारण और सीओ अचलसिंह देवड़ा के सुपरविजन में थाना प्रभारी भंवराराम और डीएसटी प्रभारी प्रदीप एएसआई की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। टीम ने आरोपी को दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी भंवराराम, डीएसटी प्रभारी प्रदीप एएसआई, बाबूराम एएसआई, हेड कॉन्स्टेबल महेंद्र उज्ज्वल, ओपाराम, कॉन्स्टेबल चौखाराम, गंगाराम, महेंद्र चौधरी, रामेश्वर और रामाकिशन की विशेष भूमिका रही।