नेशनल हाईवे निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में गोयली स्थित खेतलाजी मंदिर परिसर में गोयली, रामपुरा सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों की महापंचायत हुई। इसमें बड़ी संख्या में किसानों और ग्रामीणों ने भाग लेकर उपजाऊ कृषि भूमि और पुश्तैनी कुओं के अधिग्रहण का विरोध किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन किया जाएगा। महापंचायत में हरीश सिंह गोयली, तेजसिंह गोयली, जैसाराम मेघवाल, लक्ष्मण सिंह सोलंकी, ईश्वर सिंह, शंकरलाल हीरागर, शंकरलाल, बाबूलाल घांची और मांगीलाल गोयली ने कहा कि प्रस्तावित हाईवे की जद में करीब 40 से 50 पुराने कृषि कुएं और उनसे सिंचित उपजाऊ जमीन आ रही है। इन कुओं और खेतों पर हजारों परिवारों की आजीविका निर्भर है। यदि भूमि अधिग्रहण वर्तमान प्रस्ताव के अनुसार किया गया तो कई किसान भूमिहीन हो जाएंगे। ग्रामीणों ने कहा कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों की उपजाऊ जमीन और सिंचाई के स्थायी स्रोतों को नुकसान पहुंचाकर बनने वाला हाईवे स्वीकार नहीं किया जाएगा।