शहर के प्रवेश द्वारों पर अवैध रूप से संचालित और अनधिकृत रूप से मॉडिफिकेशन (बदलाव) कर यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाली स्लीपर व लग्जरी बसों के खिलाफ शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की। बलीचा चौराहे और अम्बेरी पुलिया पर की गई इस औचक नाकाबंदी के दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली 4 लग्जरी स्लीपर बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया, जबकि 5 बसों के चालान बनाकर 1 लाख 20 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। कार्रवाई राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के तत्वावधान में जिला एवं सेशन न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश गुप्ता के निर्देशों पर विशेष मुहिम के तहत की गई। संयुक्त टीम ने अभियान के तहत 15 बसों की जांच की थी। टीम ने बताया कि बस संचालक मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और ऑटोमोटिव उद्योग मानकों (एआईएस-119) का उल्लंघन कर बसों की बनावट में अनधिकृत संरचनात्मक संशोधन कर रहे थे। स्लीपर केबिनों का साइज अवैध रूप से बदलने और क्षमता से अधिक सीटें व बर्थ लगाने जैसी गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर यह सख्त कदम उठाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक लक्जरी और स्लीपर बसों में अनधिकृत रूप से किए जाने वाले बदलाव सड़क सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों को कतई बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान अपर जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल चौधरी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार जोशी, जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड, परिवहन निरीक्षक श्याम सिंह हाडा, तेजपाल और घनश्याम मीणा शामिल थे। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि स्लीपर एवं लग्जरी बसों की यह जांच यात्रियों की सुरक्षा और जान-माल की हानि को रोकने के लिए की जा रही है, अतः इसमें सहयोग करें। यदि कोई यात्री किसी ट्रेवल्स एजेंसी की मनमानी या सेवा में कमी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करना चाहता है, तो वह न्यायालय परिसर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में संपर्क कर स्थायी लोक अदालत में वाद दायर कर सकता है।