उदयपुर की गोगुंदा थाना पुलिस ने 12 दिन पहले 65 वर्षीय बुजुर्ग पर हुए जानलेवा हमले के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी श्यामसिंह चारण ने बताया कि हमला दूध के व्यवसाय में आपसी कॉम्पिटिशन को लेकर हुआ था। इसमें मुख्य सूत्रधार सहित 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। बाकी तीन आरोपी फरार हैं। पुलिस ने वणी निवासी मुख्य साजिशकर्ता लक्ष्मणसिंह और रामा सुखेर निवासी टीकम चंद उर्फ टिकसा को गिरफ्तार किया। साथ ही आरोपी मनीष गमेती, वीरेन्द्र सिंह उर्फ विजु, मनोहर सिंह फरार हैं। ​पुलिस इनकी तलाश में जुटी है। पुलिस ने इन्हें पकड़ने के लिए 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगालते हुए इनकी पहचान की। एक लाख रुपए में तय हुआ था हत्या का सौदा थानाधिकारी ने बताया कि जांच में सामने आया कि पीड़ित शंकरलाल और आरोपी लक्ष्मणसिंह दोनों दूध के व्यवसाय से जुड़े हैं। शंकरलाल और लक्ष्मणसिंह दोनों वणी और सेमटाल गांव में दूध सप्लाई का काम करते हैं। लक्ष्मणसिंह पीड़ित शंकरलाल की सफलता से जलता था। इसी वजह से उसने शंकरलाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि लक्ष्मणसिंह ने मुंबई में रहने वाले अपने साथी मनोहर सिंह के जरिए बदमाशों से संपर्क किया। मनीष के साथ मिलकर हत्या का सौदा एक लाख रुपए में तय हुआ। योजना के मुताबिक लक्ष्मणसिंह ने खुद बदमाशों को रास्ता दिखाया। हमले की जगह चिन्हित कराई। ये था मामला घटना 2 अप्रैल की है। सेमटाल निवासी शंकरलाल पालीवाल वणी गांव से दूध ले कर बाइक से गोंगुदा लौट रहे थे। सुनसान रास्ते पर तीन बाइक सवार युवक आए। तीनों नकाबपोश थे। जिन्होंने शंकरलाल पर चाकू से ताबड़तोड़ पांच वार किए। एक चाकू उनके पीठ में धंसा रह गया। आरोपी उन्हें मृत समझकर फरार हो गए थे। बाद में राहगीरों की मदद से शंकरलाल को हॉस्पिटल पहुंचाया गया।