देश में 1 मई से जनगणना का काम शुरू हो गया है। पहले चरण में मकानों के सूचीकरण और उनकी गणना का काम किया जा रहा है। 1 से 15 मई तक स्व-गणना (Self-Enumeration) की प्रक्रिया चलेगी, जिसमें आमजन को वेबसाइट पर जाकर स्वयं गणना का आवेदन पत्र भरना होगा। इस कार्य में सभी सरकारी कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने एक पत्र जारी किया है। इसमें सभी विभागों के विभागाध्यक्षों (HODs) को शत-प्रतिशत कार्मिकों से गणना करवाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने लेटर में लिखा- 1 मई को राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष समेत जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्व-गणना कर प्रदेश के निवासियों के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। करीब 5 लाख से ज्यादा कर्मचारी मुख्य सचिव ने लेटर में लिखा- जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में शत-प्रतिशत और सटीक आंकड़े सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक है कि राज्य के सभी राजकीय अधिकारी और कर्मचारी स्वयं भी स्व-गणना में भाग लेकर अन्य नागरिकों को प्रेरित करें। इसलिए, अपने अधीन विभागों के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 15 मई से पहले स्व-गणना पूर्ण करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि उनकी शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। बता दें कि प्रदेश के राजकीय विभागों और सरकारी स्ववित्त-पोषित संस्थाओं में करीब 5 लाख से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं। 34 में से 29 सवालों के जवाब भरने हैं आमजन को पोर्टल https://se.census.gov.in/ पर क्लिक करके 34 में से 29 सवालों के जवाब देने हैं। 4 सवालों के जवाब जनगणना कर्मचारी जब आपके घर पुष्टि के लिए आएंगे तब भरेंगे। लाइन संख्या, भवन संख्या, मकान संख्या और जनगणना के मकान का वास्तविक उपयोग क्या हो रहा है, इसके जवाब जनगणना कर्मचारी भरेंगे।