हनुमानगढ़ जिला स्थापना दिवस के अवसर पर 10 से 12 जुलाई तक आयोजित होने वाले पंच गौरव भटनेर उत्सव में लोक संस्कृति, संगीत और नृत्य का भव्य संगम देखने को मिलेगा। तीन दिवसीय आयोजन में राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। उत्सव के अंतिम दिन 'रन फॉर हनुमानगढ़', शोभायात्रा और प्रसिद्ध पंजाबी सूफी गायक कंवर ग्रेवाल की स्टार नाइट मुख्य आकर्षण रहेगी। रंग-तरंग से होगी उत्सव की शुरुआत उत्सव का आगाज 10 जुलाई को टाउन स्थित सेंट्रल पार्क में 'रंग-तरंग' कार्यक्रम से होगा। इस दिन सूरतगढ़ की मशक वादन एवं ढोल पार्टी, बीकानेर की कच्छी घोड़ी, बाड़मेर के लंगा-मांगणियार कलाकारों की डेजर्ट सिम्फनी प्रस्तुत की जाएगी। इसके अलावा हरियाणा की फाग और घूमर, बीकानेर का भवाई एवं तराजू नृत्य, किशनगढ़ (अजमेर) का चरी नृत्य तथा उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला की पंजाबी भांगड़ा टीम अपनी आकर्षक प्रस्तुतियां देगी। दूसरे दिन दिखेगी देशभर की लोक संस्कृति की झलक 11 जुलाई को आयोजित 'लोक रंग' कार्यक्रम में देश की विविध लोक परंपराओं का रंग देखने को मिलेगा। इसमें राजस्थानी वेशभूषा में रोबिले ग्रुप, गोगामेड़ी की बीन-भपंग-बांसुरी जुगलबंदी, सूफी एवं लंगा लोक गायन के साथ हरियाणा का नूर लोक नृत्य, बीकानेर का चरखुला नृत्य, अलवर का भपंग लोक नृत्य, पंजाब का गिद्धा-भांगड़ा और जोधपुर की कालबेलिया नृत्य मंडली अपनी प्रस्तुतियां देगी। प्रशासन का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति के साथ अन्य राज्यों की लोक कलाओं से भी लोगों को रूबरू कराना है। स्थापना दिवस पर रन, शोभायात्रा और सांस्कृतिक आकर्षण 12 जुलाई को जिला स्थापना दिवस के अवसर पर सुबह भटनेर दुर्ग से सेंट्रल पार्क तक 'रन फॉर हनुमानगढ़' का आयोजन होगा। इसके बाद शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें मशक वादन, कच्छी घोड़ी, राजस्थानी रोबिले ग्रुप, श्रीगंगानगर की हडिपा पंजाबी ढोल टीम और गोगामेड़ी की बीन-भपंग-बांसुरी जुगलबंदी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। कंवर ग्रेवाल की स्टार नाइट के साथ होगा समापन तीन दिवसीय उत्सव का समापन 12 जुलाई की शाम जंक्शन स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में 'सुरमई संध्या' के साथ होगा। इस स्टार नाइट में प्रसिद्ध पंजाबी सूफी गायक कंवर ग्रेवाल अपनी प्रस्तुति देंगे। जिला प्रशासन का मानना है कि यह आयोजन न केवल जिला स्थापना दिवस को यादगार बनाएगा, बल्कि लोक कला, सांस्कृतिक विरासत और संगीत को भी नई पहचान देगा।