दीपावली के अवसर पर हनुमानगढ़ की श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के श्री खुशाल दास विशेष शिक्षा स्कूल के दिव्यांग बच्चों ने अपने हाथों से दीपक बनाकर हुनर और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की। बच्चों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक बी आदित्य समेत कई अधिकारियों को ये दीपक भेंट किए। इस पहल के जरिए बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाने के साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का संदेश दिया गया। हुनर को मिला प्रोत्साहन, अधिकारियों को भेंट किए दीपक स्कूल के बच्चों ने दीपावली के लिए अपने हाथों से दीपक तैयार किए। सोमवार को इन दीपकों को पुलिस अधीक्षक बी आदित्य सहित कई अधिकारियों को भेंट किया गया। बच्चों की इस पहल ने उनकी रचनात्मक क्षमता और कुछ नया करने के उत्साह को सामने लाया। 21 तरह की दिव्यांगता वाले करीब 150 बच्चे कर रहे पढ़ाई स्कूल के प्रिं​सिपल पुरुषोत्तम ने बताया कि संस्थान में कक्षा एक से आठ तक पढ़ाई कराई जाती है। यहां दृष्टिबाधित, मूकबधिर और मानसिक विमंदित सहित 21 तरह की दिव्यांगता वाले करीब 150 बच्चे अध्ययनरत हैं। ट्रस्ट की ओर से इन बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। शिक्षा के साथ रचनात्मक गतिविधियों पर जोर प्रिं​सिपल पुरुषोत्तम ने बताया कि संस्था का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके रचनात्मक विकास को बढ़ावा देना है। इसके लिए बच्चों को पढ़ाई के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के अवसर दिए जाते हैं। दीपावली के लिए दीपक बनाना भी इसी प्रयास का हिस्सा है, जिससे बच्चे अपनी प्रतिभा पहचान सकें और उनका आत्मविश्वास बढ़े। आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम स्कूल में शिक्षा के साथ हुनर विकसित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों की ओर से तैयार किए गए दीपक इस बात का उदाहरण हैं कि उचित अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर वे अपनी रचनात्मक क्षमता को निखार सकते हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।