हनुमानगढ़ में स्वामी विवेकानंद रंगमंच सेवा समिति की ओर से 41वें रामलीला और दशहरा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 7 से 21 अक्टूबर तक चलने वाले इस महोत्सव में इस बार 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का आकर्षण रहेगा, जो घूमता हुआ नजर आएगा। इसके अलावा मेघनाथ का 59 फीट और कुंभकरण का 50 फीट ऊंचा पुतला भी तैयार किया जा रहा है। दशहरा महोत्सव 20 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे जिला कलेक्ट्रेट के सामने मनाया जाएगा, जबकि 21 अक्टूबर को भगवान राम का राजतिलक होगा। आयोजन के तहत 18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी पर 108 कन्याओं का महापूजन भी किया जाएगा। घूमता हुआ रावण बनेगा आकर्षण, तीनों पुतले होंगे विशाल इस बार दशहरा महोत्सव में रावण का पुतला विशेष आकर्षण रहेगा। 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि वह घूमता हुआ दिखाई देगा। वहीं, मेघनाथ का 59 फीट और कुंभकरण का 50 फीट ऊंचा पुतला भी बनाया जा रहा है। इन विशाल पुतलों के जरिए दशहरे पर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाएगा। सहारनपुर के कारीगर 20 दिन में तैयार करते हैं एक पुतला पुतलों को तैयार करने का काम उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से आए कारीगर कर रहे हैं। कारीगर मोहम्मद इस्लाम ने बताया कि वह पिछले 22 साल से पुतले बनाने का काम कर रहे हैं। उनके परिवार में यह परंपरा उनके दादा के समय से चली आ रही है। एक पुतला तैयार करने में करीब 20 दिन लगते हैं। वह पिछले पांच साल से हनुमानगढ़ आकर दशहरे के लिए पुतले बना रहे हैं। 108 कन्याओं का महापूजन, राम के आदर्श अपनाने का संदेश समिति की ओर से 18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी के अवसर पर 108 कन्याओं का महापूजन किया जाएगा। समिति अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि रामलीला और दशहरा महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य भगवान राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों को उन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करना है। समिति हर साल इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश देने का प्रयास करती है।