हनुमानगढ़ के पीलीबंगा निवासी फार्मासिस्ट महेंद्र कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को प्रार्थना पत्र सौंपा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर साल अक्टूबर में ‘झोलाछाप’ संबंधी खबरें सामने आने पर सबसे पहले उनके केंद्र पर कार्रवाई की जाती है, जिससे उनकी छवि खराब होती है। महेंद्र कुमार ने शिक्षा और अनुभव के आधार पर स्वास्थ्य मित्र के रूप में काम करने की विधिवत अनुमति देने तथा पूर्व में की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि 48 घंटे में सुनवाई नहीं होने पर वह परिवार सहित सीएमएचओ कार्यालय के सामने भूख हड़ताल करेंगे। पंजीकृत डॉक्टर के पर्चे पर दवाइयां देने का दावा महेंद्र कुमार ने बताया कि वह लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हुए हैं। उनके अनुसार, वह पंजीकृत डॉक्टर के पर्चे के आधार पर मरीजों को दवाइयां वितरित करते हैं। उन्होंने दावा किया कि जरूरत पड़ने पर अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी उन्हें सेवाओं के लिए बुलाया जाता है। अनुभवी डॉक्टरों की मदद से सेवाएं देने का किया प्रयास महेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने किराए पर स्वास्थ्य केंद्र लेकर अनुभवी डॉक्टरों की मदद से लोगों को उपचार सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया है। उन्होंने अपनी शिक्षा और अनुभव का हवाला देते हुए स्वास्थ्य मित्र के रूप में काम करने की विधिवत अनुमति देने की मांग की है, ताकि वह स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े रहकर लोगों की मदद कर सकें। कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग फार्मासिस्ट ने सीएमएचओ से उनके खिलाफ पूर्व में की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। उनका आरोप है कि हर साल अक्टूबर में झोलाछाप से संबंधित खबरें आने पर उनके केंद्र को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष सुनवाई कर उचित निर्णय लेने की मांग की है। 48 घंटे का अल्टीमेटम, परिवार सहित भूख हड़ताल की चेतावनी महेंद्र कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई तो वह परिवार सहित सीएमएचओ कार्यालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठेंगे। अब मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।