रूस में नौकरी दिलाने और 80 हजार रुपए मासिक वेतन का झांसा देकर हनुमानगढ़ के विनोद कुमार (40) से 3.40 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। जंक्शन निवासी अमनदीप सिंह ने उन्हें दो साल के वर्क वीजा पर रूस भेजने का भरोसा दिया था, लेकिन अप्रैल 2025 में वहां पहुंचने पर न नौकरी मिली और न ही वादे के मुताबिक वीजा मिला। जांच में पता चला कि विनोद के पास दो साल का वर्क वीजा नहीं, बल्कि केवल 16 दिन का ई-वीजा था। परेशान होकर विनोद 30 मई 2025 को भारत लौट आए। अब अदालत के आदेश पर टाउन थाना पुलिस ने अमनदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। दो साल के वर्क वीजा और 80 हजार वेतन का दिया झांसा विनोद कुमार ने बताया कि अमनदीप सिंह ने उन्हें मॉस्को में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसके लिए दो साल का वर्क वीजा और हर महीने 80 हजार रुपए वेतन मिलने की बात कही गई। भरोसे में आकर विनोद की पत्नी सुमित्रा ने फोन-पे के माध्यम से अमनदीप को 3.40 लाख रुपए दिए। इसके अलावा दिल्ली हवाई अड्डे पर राकेश नाम के व्यक्ति को भी 15 हजार रुपए दिए गए। रूस पहुंचने पर कभी फ्लैट तो कभी जंगल के मकान में ठहराया विनोद अप्रैल 2025 में रूस पहुंचे तो उन्हें पहले नोवोसिबिर्स्क में दो दिन रुकना पड़ा। इसके बाद मॉस्को में सुमित नाम के व्यक्ति ने उन्हें फ्लैट में ठहराया। बाद में उन्हें जंगल में स्थित एक मकान में रखा गया। इस दौरान उन्हें नौकरी नहीं मिली और विदेश में रोजगार दिलाने का वादा पूरा नहीं हुआ। पुलिस ने पकड़ा तो वीजा की हकीकत आई सामने कुछ दिन बाद रूस में पुलिस ने विनोद को पकड़ लिया। जांच के दौरान उन्हें पता चला कि जिस दो साल के वर्क वीजा का भरोसा दिया गया था, वह वास्तव में उनके पास नहीं था। उनके पास केवल 16 दिन का ई-वीजा था। इस घटनाक्रम के बाद विनोद 30 मई 2025 को भारत लौट आए। अदालत के आदेश पर केस दर्ज, जांच शुरू नौकरी के नाम पर ठगी का आरोप लगाते हुए विनोद ने कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद अदालत के आदेश पर हनुमानगढ़ के टाउन थाना पुलिस ने अमनदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।