बांसवाड़ा में स्वास्थ्य विभाग की टीमें नाव में सवार होकर आदिवासी इलाकों में बच्चों को पोलियों की खुराक पिलाने पहुंची। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़ के निर्देशन में विभागीय टीमों ने आदिवासी इलाको में शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि पोलियो की खुराक की दो बूंद अनमोल है, जो जीवन रक्षक है। ​अभियान की गुणवत्ता और राष्ट्रीय प्रोटोकॉल की कड़ाई से पालना के लिए मौके पर ही फील्ड मॉनिटरिंग की गई। इसमें आरसीएचओ डॉ. दिनेश कुमार भाबोर, डब्ल्यूएचओ के सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर डॉ. अक्षय व्यास और आनंदपुरी के बीसीएमओ डॉ. गणेश माइड़ा ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) आनंदपुरी के अंतर्गत आने वाले उप स्वास्थ्य केंद्र डोकर के माली पाड़ा गांव में अभियान चलाया गया। जिला मुख्यालय से करीब 85 किलोमीटर दूर बसा यह इलाका अपनी बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और पथरीले रास्तों के लिए जाना जाता है। सीमित साधनों के बावजूद एएनएम पार्वती देवी और आशा सहयोगिनी सुरता देवी ने गांव के ऊबड़-खाबड़ रास्तों और नदी को पार करते हुए कुल 26 घरों में दस्तक दी और 21 पात्र बच्चों को ओरल पोलियो वैक्सीन (OPV) की खुराक पिलाई। इस दुर्गम अंचल में ग्रामीणों को जागरूक करना सबसे बड़ी चुनौती थी। इसमें स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता गंगेश्वर पटेल ने अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों और ग्राम सरपंच के नेतृत्व के चलते ग्रामीणों ने स्वास्थ्य टीम का पूरा सहयोग किया, जिससे अभियान पूरी तरह सफल रहा।