मानसून ने मंगलवार को हिमाचल में एंट्री कर ली। इस बार ये तय तारीख से 8 दिन लेट पहुंचा है। आज (30 जून को) मानसून ने पूरे किन्नौर जिले के साथ-साथ कुल्लू और लाहौल-स्पीति के अधिकांश इलाकों को कवर कर लिया। शिमला, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा जिलों के कुछ हिस्सों में भी मानसून की एंट्री हो गई। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 2-3 दिन में राज्य के ज्यादातर भागों को कवर कर लेगा। अगले 4-5 दिनों में कुछ जगह भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 2 से 5 जुलाई तक बरसात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में 6 जुलाई तक बरसात का दौर जारी रहेगा। मौसम विज्ञानी संदीप शर्मा ने बताया कि आमतौर पर मानसून उत्तराखंड के रास्ते सिरमौर जिला में प्रवेश करता था। मगर इस बार मानसून की एंट्री थोड़ी चेंज है। मानसून ने दस्तक के साथ ही किन्नौर और लाहौल स्पीति जिला को भी कवर कर लिया है। उन्होंने बताया कि मानसून की दस्तक से पहले देखा जाता है कि पिछले दो-तीन दिनों के दौरान कहां-कहां बारिश हो रही है। उस हिसाब से मानसून की लाइन ड्रॉ होती है। सावधानी बरतने की एडवाइजरी IMD ने खराब मौसम के दौरान लोगों को लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों के आसपास और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। इस दौरान कई भागों में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती है। 2010 में 10 जुलाई को पहुंचा था मानसून राज्य में 10 जुलाई 2010 को सबसे देरी से मानसून पहुंचा था। बीते साल मानसून ने 20 जून को दस्तक दी थी। सबसे जल्दी 9 जून 2000 को मानसून पहुंचा था। शिमला में मलबा सड़क पर आने से यातायात रुका वहीं, मानसून की एंट्री के साथ ही शिमला के चक्कर में शाम के वक्त तेज बारिश हुई। इससे चक्कर बाईफरकेशन के पास मलबा सड़क पर आ गया और शिमला-बिलासपुर हाईवे वाहनों के लिए बंद हो गया। PWD महकमा मलबा हटाने में जुटा हुआ है। बताया जा रहा है कि चक्कर बाईफरकेशन पर किसी व्यक्ति द्वारा मकान का मलबा स्टैग किया गया है, वह बारिश होती ही सड़क पर आ जाता है। मानसून से पहले सामान्य से 33 प्रतिशत कम बारिश राज्य में मानसून की एंट्री से पहले तक सामान्य से 33 प्रतिशत कम बारिश हुई है। IMD के अनुसार- एक से 30 जून तक 101.1 मिमी सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 67.3 मिमी ही बादल बरसे है। मानसून की दस्तक के बाद अब अच्छी बारिश के आसार है। आज भी कई भागों में हल्की बारिश हुई है। सामान्य से नीचे गिरेगा पारा मानसून की एंट्री के बाद अब तापमान में भी गिरावट आएगी। अभी तक ज्यादातर शहरों का पारा सामान्य से आसपास बना हुआ है। मगर अगले चार पांच दिनों के दौरान कई शहरों का पारा सामान्य से 2 डिग्री तक नीचे गिर सकता है। जहालमा नाले में बाढ़, टूरिस्ट-लोकल फंसे, प्रशासन ने रेस्क्यू किया मानसून की एंट्री से एक दिन पहले लाहौल स्पीति, चंबा जिला और जम्मू को जोड़ने वाली सड़क पर जहालमा नाला में बाढ़ के बाद 150 से ज्यादा लोकल और टूरिस्ट फंसे गए। स्थानीय प्रशासन ने सोमवार शाम को इन्हें होम स्टे, होटल और लोकल लोगों के घरों में ठहराया। आज सुबह अस्थाई पुल बनाकर लोगों को अपने अपने गतंव्य तक भेजा गया। हालांकि, लोकल और टूरिस्टों के वाहन अभी नहीं निकल पाए, क्योंकि सड़क बह जाने से वाहनों की आवाजाही अभी बहाल नहीं हो सकी। सड़क अवरुद्ध होने से लाखों रुपए का मटर भी फंस गया है। अब इसे भी लेबर के जरिए नाले से दूसरी साइड निकाला जा रहा है। बता दें कि बर्फ पिघलने के बाद कल जहालमा नाला में बाढ़ आ गई थी। बारात भी फंसी, बीआरओ ने नाला क्रॉस कराया इस दौरान एक बारात में जहालमा नाले में फंस गई। इसके बाद बारातियों ने गाड़ियों को नाले के दूसरे छोड़ पर रख दिया और बीआरओ ने लोहे के गार्डर लगाकर बारात को नाला क्रास कराया।