पर्यटन विभाग ने होमस्टे (पेइंग गेस्ट) योजना, 2026 के सुचारू संचालन के लिए सोमवार को नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब आवेदन करने के बाद 7 दिन में ही 6 महीने का अस्थायी लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। यह लाइसेंस मिलते ही संचालक अपना होमस्टे शुरू कर सकेंगे। इससे पहले तक अस्थायी लाइसेंस मिलने में तीन से चार माह का समय लग रहा था। इसके अलावा शर्तें पूरी करने वाले फर्निश्ड आवासीय भवनों में न्यूनतम 1 से लेकर अधिकतम 8 कमरे (24 बेड) तक के लिए होमस्टे का रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकेगा। संचालकों को स्टे परिसर में लाइसेंस और पर्यटकों से लिए जाने वाले शुल्क (टैरिफ) को प्रदर्शित करना होगा। साथ ही हर महीने 5 तारीख तक पिछले माह आए पर्यटकों के आंकड़े पर्यटन कार्यालय को अनिवार्य रूप से भेजना होंगे। मापदंड सही पाए जाने पर मिलेगा स्थायी लाइसेंस आवेदक को अपने जिले के पर्यटन कार्यालय में आवेदन करना होगा। जिला पर्यटन कार्यालय के प्रभारी ही इसके लिए सक्षम प्राधिकारी होंगे, जो 7 दिन में 6 माह का अस्थायी लाइसेंस जारी करेंगे। फिर 3 माह के भीतर होमस्टे का निरीक्षण करेंगे। यदि कोई कमी पाई जाती है तो संचालक को सुधार के लिए 2 महीने का समय दिया जाएगा। इसके बाद सभी मापदंड सही पाए जाने पर 2 साल का स्थायी लाइसेंस जारी किया जाएगा। लाइसेंस की वैधता समाप्त होने से पहले आवेदन करने पर 7 दिन में यह ऑटो-रिन्यू (स्वत: नवीनीकरण) हो जाएगा। भास्कर ने उठाया था मुद्दा भास्कर ने इस मामले को लेकर 31 मार्च के अंक में खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया था कि स्टाफ की कमी से पेइंग गेस्ट और होम स्टे लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया प्रभावित हो गई है। इसके चलते 4 से 6 माह पहले किए गए आवेदन अब तक लंबित हैं। इसके बाद शासन उप सचिव (पर्यटन) सुरेश कुमार बुनकर ने सोमवार को नए आदेश जारी कर दिए।