भास्कर न्यूज | अलवर गर्मी बढ़ने के साथ ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। तीनों सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या 3200 तक पहुंच गई है, जबकि दो सप्ताह पहले मरीजों की संख्या 2500 से 2800 तक थी। सर्वाधिक मरीज राजीव गांधी सामान्य अस्पताल की मेडिसन ओपीडी और शिशु विभाग की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। सामान्य अस्पताल की मेडिसन ओपीडी में पहुंच रहे मरीजों को डॉक्टर से चिकित्सा परामर्श के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। यही स्थिति शिशु विभाग की ओपीडी में है। सबसे ज्यादा पेट दर्द, उल्टी-दस्त और बुखार के मरीज हैं। गंदे पानी के कारण टाइफाइड व पीलिया के मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। रात के समय भी शिशु विभाग व सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी में मरीज पहुंच रहे हैं। बच्चों की संख्या बढ़ने से शिशु विभाग में स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो रही है। सामान्य बच्चा वार्ड में 22 बेड स्वीकृत है। अस्पताल प्रशासन ने बीमार बच्चों की संख्या को देखते हुए 41 बेड लगा रखे हैं। लेकिन बीमार बच्चों की संख्या बढ़ने से एक बेड पर 2 से 3 को भर्ती किया जा रहा है। आईपीडी में रोज 45 से अधिक बच्चे आ रहे हैं। जबकि 10 दिन पहले केवल 30 बच्चे ही आ रहे थे। वहीं, ओपीडी में 250 से बढ़कर 350 पहुंच गई है। ओपीडी पर्ची काउंटर से पर्ची कटवाने के लिए भी मरीजों को परेशानी हो रही है। काउंटर के बाहर टीन शेड नहीं होने से धूप में पर्ची कटवानी होती है। ^मौसम बदलते ही फीवर, डायरिया, उल्टी, दस्त, जुकाम आदि की शिकायतें अधिक आती है। बच्चों व बुजुर्गों में इम्युनिटी क्षमता कम होती है। तेज धूप से बचाने की जरूरत है। गर्मी में स्वच्छ पानी, नींबू-पानी, शिकंजी और दही-छाछ का सेवन कराएं। बच्चों को हल्का व सुपाच्य भोजन दें। - डॉ. कृपाल यादव, शिशु रोग विशेषज्ञ, शिशु विभाग