कोलंबिया के बुकारामंगा में 4 से 12 जुलाई तक आयोजित 56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड-2026 में भारत ने इतिहास रच दिया। इस प्रतियोगिता के फाइनल में भारतीय टीम के सभी पांचों स्टूडेंट्स ने गोल्ड मैडल जीते। इस प्रदर्शन की बदौलत दुनिया के 87 देशों के बीच भारत पहले पायदान पर रहा। इन होनहारों में कनिष्क जैन, रिद्धेश बेंडाले, ऋषित गर्ग और स्वरित जोशी शामिल हैं। कठिन चार चरणों को पार कर मिली सफलता इस मुकाम तक पहुंचने के लिए छात्रों को कठिन चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। पहले चरण में 'इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स' की ओर से आयोजित एनएसईपी परीक्षा में कोटा के 138 छात्र चुने गए। इसके बाद 'होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन' द्वारा आयोजित दूसरे चरण में 20 छात्रों ने अगले दौर में जगह बनाई। तीसरे चरण के ओरिएंटेशन कम सेलेक्शन कैंप के बाद भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए 5 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम का चयन किया गया। इसमें 4 छात्र कोटा कोचिंग के थे। आखिरी चरण में कोलंबिया के बुकारामांगा में आयोजित फाइनल मुकाबले में 87 देशों के 381 दिग्गजों के बीच भारतीय टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर तिरंगा लहराया। कनिष्क जैन को मिला वर्ल्ड की नंबर-1 यूनिवर्सिटी एमआईटी का साथ जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक 8 हासिल करने वाले और दुनिया की नंबर-1 रैंकिंग यूनिवर्सिटी मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी यूएसए) के लिए चयनित कक्षा 12वीं के छात्र कनिष्क जैन ने इसे बेहतरीन अनुभव बताया। कनिष्क के अनुसार- कोटा में जो अकेडमिक सपोर्ट उन्हें मिला, वह सर्वश्रेष्ठ था। फाइनल मुकाबले में दुनियाभर के प्रतिभावान छात्रों से मिलने का मौका मिला। संस्थान की मजबूत पढ़ाई बेहद उपयोगी साबित हुई। भारत की इस ऐतिहासिक सफलता में कोटा के कोचिंग संस्थान एलन का दबदबा रहा। टीम के पांच में से चार मैडल्स संस्थान के स्टूडेंट्स ने जीते हैं। इंटरनेशनल ओलम्पियाड्स की मेडल टैली में कोटा कोचिंग का दबदबा ऑफिशियल इंटरनेशनल ओलम्पियाड्स के इतिहास में कोटा कोचिंग के स्टूडेंट्स का प्रदर्शन शानदार रहा। संस्थान के छात्रों ने अब तक विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कुल 188 मेडल अपने नाम किए हैं। इसमें 90 गोल्ड, 75 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।