शहर की मुख्य सड़कों पर घोषित नो-वेंडिंग जोन केवल कागजों में हैं। निगम टीमें दिन में अतिक्रमण हटाती हैं, लेकिन शाम होते-होते सड़कें फिर ठेलों-थड़ियों से भर जाती हैं। आरोप है कि कार्रवाई से पहले ही सूचना लीक हो जाती है, जिससे अतिक्रमण करने वाले कुछ समय के लिए हट जाते हैं और अभियान खत्म होते ही दोबारा सड़क घेर लेते हैं। नतीजा- करोड़ों रुपए खर्च कर चौड़ी की गई सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है। 100 फीट चौड़ी सड़कों पर दो-दो लेन तक ठेले लगने से वाहनों के लिए केवल 30 से 40 फीट जगह बचती है। निगम का दावा बनाम हकीकत निगम का दावा है कि सतर्कता शाखा प्रतिदिन सड़कों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही है। हर दिन 8 कैंटर सामान जब्त किया जाता है और 24 हजार रुपए कैरिंग चार्ज भी वसूला जाता है। फिर भी प्रमुख सड़कों पर अस्थायी अतिक्रमण है। लालकोठी सब्जी मंडी अंडरपास >अंडरपास के प्रवेश द्वार पर सुबह से रात तक थड़ी-ठेलों का जमावड़ा रहता है। निगम कार्रवाई करता है, पर कुछ समय बाद फिर अतिक्रमण हो जाता है। इससे रोज जाम की स्थिति रहती है। टोंक रोड, एसएमएस टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल के सामने दोनों तरफ शाम के समय 20 से 30 फीट तक ठेले लगते हैं। मेडिकल कॉलेज के सामने 1 किमी लंबी सर्विस लेन पर अतिक्रमण रहता है। जेके लोन अस्पताल के सामने भी यही स्थिति है। न्यू सांगानेर रोड मानसरोवर-न्यू सांगानेर रोड एसएफएस चौराहे से मेट्रो स्टेशन तक 7 किमी में दोनों तरफ फिर ठेलों का बाजार सज जाता है। सांगानेर सांगानेर चौरडिय़ा पेट्रोल पंप से सवाई माधोपुर पुलिया तक 1 किमी में फल-सब्जी के ठेले लगे रहते हैं। सुबह से रात तक कई बार जाम की स्थिति बनती है। गांधीनगर मोड़ गांधीनगर मोड़ नगर निगम कार्यालय से विधानसभा की ओर जाने वाली 80 और 60 फीट चौड़ी कनेक्टिंग सड़कों पर दोनों तरफ ठेले लग रहे हैं, जबकि यह क्षेत्र नो-वेंडिंग जोन घोषित है। गोपालपुरा से दुर्गापुरा गोपालपुरा पुलिया से जयपुरिया अस्पताल मोड़ तक 200 मीटर हिस्से में 50 ठेले सड़क की एक लेन घेर लेते हैं। यहां बसों का ठहराव भी होने से सड़क और संकरी हो जाती है। दिन में कई बार जाम लगता है। परकोटा क्षेत्र; परकोटा क्षेत्र चौड़ा रास्ता दिन में अतिक्रमण मुक्त दिखाई देता है, लेकिन शाम होते ही सड़क पर फिर ठेले लग जाते हैं। रामगंज चौपड़ से घाटगेट रोड, चारदरवाजा, सुभाष चौक, बड़ी चौपड़, रामगढ़ मोड़ और जौहरी बाजार स्थित सब्जी मंडी के सामने भी अस्थायी अतिक्रमण रहता है।