भास्कर न्यूज | प्रतापगढ़ जिला कलेक्टर शुभम चौधरी ने सोमवार को जिला स्तरीय अधिकारियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित कर विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की तथा आमजन से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में जिला कलेक्टर ने संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सभी अधिकारियों की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। कलेक्टर ने आगामी मानसून को देखते हुए सभी अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश देते हुए कहा कि संभावित जलभराव एवं अन्य संबंधी परिस्थितियों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी स्थिति में आमजन को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करने, कार्यों की मॉनिटरिंग करने तथा योजनाओं की प्रगति की सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों के भीतर व विभिन्न विभागों के बीच सूचना का आदान-प्रदान सुचारू रूप से होना चाहिए, जिससे योजनाओं एवं विकास कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। बैठक में कलेक्टर ने हरियालो राजस्थान और कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान की तैयारियों एवं जनभागीदारी पर भी चर्चा करते हुए अभियान को व्यापक स्तर पर सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पौधरोपण कर उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए, ताकि अभियान के अपेक्षित परिणाम प्राप्त हो सकें। इसके अलावा कलेक्टर ने ग्रामीण सेवा शिविर एवं शहरी सेवा शिविर की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शिविरों में किए जा रहे कार्यों, उपलब्धियों एवं सफलता की कहानियों का नियमित रूप से पोर्टल पर अद्यतन किया जाए। उन्होंने कहा कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का मौके पर अधिकतम निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। पात्र व्यक्तियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति, लंबित प्रकरणों तथा आगामी कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं जवाबदेह कार्यशैली अपनाते हुए राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में उप वन संरक्षक सुरेश अग्रवाल, एसीईओ धनदान देथा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक डॉ. टीआर आमेटा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।