भास्कर न्यूज | नागौर विश्व आयोडीन अल्पता विकार निवारण दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय पर जन-जागरूकता का संदेश देती रैली निकाली गई। सीएमएचओ डॉ. धीरज बिस्सा के निर्देशानुसार महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रशिक्षण केंद्र की संभागियों ने शहर के मुख्य मार्गों से होकर आमजन को आयोडीन युक्त नमक और संतुलित आहार के प्रति जागरूक किया। रैली को डिप्टी सीएमएचओ डॉ. आर.के. सारण ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली प्रशिक्षण केंद्र से शुरू होकर कलेक्ट्रेट सर्किल पहुंची और निर्धारित मार्ग से होते हुए पुनः केंद्र पहुंचकर संपन्न हुई। रैली के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने हाथों में बैनर-तख्तियां लेकर आयोडीन के दैनिक महत्व पर नारे लगाए। इस दौरान जिला महामारी विशेषज्ञ शाकिर खान, प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य ओमप्रकाश तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक हेमंत उज्ज्वल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। रैली को रवाना करते हुए उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सारण ने बताया कि आयोडीन की कमी से गर्दन का फूलना यानी घेंघा रोग, मानसिक सुस्ती, थकावट और शारीरिक विकास में रुकावट जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने अपील की कि आमजन केवल डिब्बाबंद और मान्यता प्राप्त आयोडीन युक्त नमक का ही सेवन करें। खाना पकाते समय नमक हमेशा अंत में डालें, ताकि गर्मी से आयोडीन नष्ट न हो। थायराइड हार्मोन का निर्माण: यह गर्दन में स्थित थायराइड ग्रंथि को ''''थायरोक्सिन'''' (T3 और T4) हार्मोन बनाने में मदद करता है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म (ऊर्जा प्रबंधन) को नियंत्रित करता है। मस्तिष्क व शारीरिक विकास: बच्चों में दिमाग की सोचने-समझने की क्षमता और शारीरिक लंबाई के सही विकास के लिए आयोडीन अनिवार्य है। गर्भावस्था में सुरक्षा: गर्भवती महिलाओं में आयोडीन की कमी से गर्भपात, समय से पहले जन्म या बच्चे में जन्मजात मंदबुद्धि का खतरा बना रहता है।