जयपुर इंटरनेशनल हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर बम की धमकी मिलने की स्थिति से निपटने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने मंगलवार को मॉक ड्रिल की। इस दौरान बम की धमकी मिलने जैसी वास्तविक परिस्थिति तैयार कर सुरक्षा प्रोटोकॉल की जांच की गई। एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों, आपात स्थिति में यात्रियों को बाहर निकालने की प्रक्रिया और आपात स्थिति में अलग-अलग एजेंसियों की प्रतिक्रिया का आकलन किया गया। इस दौरान टर्मिनल परिसर में डॉग स्क्वॉड तैनात किया गया। वहीं संभावित विस्फोटक से सुरक्षित तरीके से निपटने में सहायता के लिए थ्रेट कंटेनमेंट व्हीकल (TCV) को भी शामिल किया गया। इन संसाधनों के जरिए बम की धमकी जैसी संवेदनशील स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों काे देखा गया। टर्मिनल में बनाई आपात स्थिति मॉक ड्रिल के दौरान टर्मिनल परिसर में बम की धमकी मिलने की स्थिति को देखते हुए निकासी प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। इस दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया, सूचना के अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को जांचा गया। एजेंसियों ने मिलकर किया अभ्यास मॉक ड्रिल में जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की टीमों के साथ CISF, राजस्थान पुलिस, एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS), इमिग्रेशन, कस्टम्स, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), डोमेस्टिक फायर टेंडर्स (DFT), एयरलाइन प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों ने हिस्सा लिया। सभी एजेंसियों ने निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का अभ्यास किया। यात्रियों की सुरक्षा जरूरी एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार- यह अभ्यास सभी संबंधित आंतरिक और बाहरी एजेंसियों के समन्वय से निर्धारित प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल के अनुरूप पूरा हुआ। इस तरह के अभ्यास यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित सुरक्षा आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयारियों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।