दिल्ली में NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला से मारपीट और अभद्रता के मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर दबाव बढ़ाया। राहुल गांधी का फोन आने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सोमवार को जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे। कांग्रेसी दिल्ली पुलिस के एक कॉन्स्टेबल के खिलाफ FIR दर्ज कराने पर अड़े हैं। सोमवार को पीड़िता रितु बराला ने जयपुर में मोतीडूंगरी थाने में परिवाद देकर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। जिसके बाद मामले में सोमवार को देर शाम डोटासरा FIR दर्ज करवाने के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे। FIR दर्ज की मांग को लेकर जयपुर कमिश्नरेट के गेट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की। पहले देखिए, मामले से जुड़ी 2 PHOTO'S दरअसल, 13 अक्टूबर-2026 को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान NSUI की रितु बराला के साथ अभ्रदता हुई। आरोप है कि उसे और उसके साथियों को पुलिसकर्मी जबरन बस में बैठाकर कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन ले गए, जहां उनके साथ मारपीट की गई। रितु बराला मूल रूप से झुंझुनूं की रहने वाली हैं, लेकिन अभी वे जयपुर में ही रहती है। वे राजस्थान यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में भी सक्रिय रही हैं। घटना को लेकर दिल्ली में घटना के अगले दिन राहुल गांधी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में रितु ने घटना के बारे में बताया। इस दौरान राहुल गांधी ने रितु बराला को दिखाते हुए कहा था- ये शेरनी है। जब पूछा कि डर लगा तो रितु ने कहा था कि डर नहीं लगा। दिल्ली पुलिस ने जबरन खींचकर बस में बैठाया, ले गई पुलिस स्टेशन NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला का कहना है कि वह NSUI की ओर से आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली गई थीं। 13 अक्टूबर को दोपहर करीब 2:30 बजे वह और उनके साथी राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-7 के पास नारेबाजी कर रहे थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिसकर्मियों ने उन्हें और अन्य प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर जबरन खींचकर बस में बैठाया और कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन ले गए। दिल्ली पुलिस ने गर्दन दबाई, बाल खींचे, थप्पड़ मारे रितु बराला ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस कर्मियों ने उनकी गर्दन दबाई, बाल खींचे और चेहरे पर थप्पड़ मारे। इससे चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। जूतों सहित उनके दाएं पैर की कनपटी को कुचल दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोट लगी और सुनने में भी परेशानी होने लगी। उन्होंने प्राइवेट पार्ट पर लात मारने और हाथ की अंगुलियां मरोड़ने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता रितु बराला के मुताबिक, उनके चरित्र और व्यक्तित्व को लेकर भी कथित तौर पर भद्दी और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। 13 अक्टूबर को उन्हें दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद 14 अक्टूबर को उन्हें छुट्टी दे दी गई। एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग पीड़िता रितु बराला का कहना है कि घटना के बाद वह भयभीत और सदमे में थीं। इलाज के कारण तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं करा सकीं। अब 19 अक्टूबर 2026 को मोती डूंगरी थाने में परिवाद(शिकायत) देकर उन्होंने कथित घटना की जांच कराने, FIR दर्ज करने और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। FIR दर्ज नहीं करने के बजाय उन्हें पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल से मिलने की कहा गया। सोमवार को देर शाम FIR दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कांग्रेस कार्यकर्ता जयपुर कमिश्नरेट पहुंचे। हालांकि, वहां काफी देर बैठाने के बाद भी FIR दर्ज नहीं की गई। विरोध के चलते कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने जयपुर कमिश्नेरट के गेट पर नारेबारी कर प्रदर्शन किया। जानिए क्या है पूरा मामला दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 13 अक्टूबर (मंगलवार) को NSUI के प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय सचिव रितु बराला और महिला पुलिसकर्मी में जमकर मारपीट हो गई थी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली पुलिस पर NSUI कार्यकर्ताओं से मारपीट और खराब बर्ताव को लेकर रोष जताया था। अगले दिन राहुल गांधी ने रितु बराला के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उसे शेरनी बताया था…पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें….