जयपुर में वीआईपी कल्चर का रौब झाड़ने की कोशिश करने वाले एक व्यक्ति पर ट्रैफिक पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। हाथोज इलाके में मंगलवार शाम चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक कार को जब्त किया, जिस पर अवैध रूप से “विधायक” लिखी नेमप्लेट और प्रतिबंधित ब्लैक फिल्म लगी हुई थी। रौब दिखाकर बचने की कोशिश चेकिंग के दौरान हेड कॉन्स्टेबल धारासिंह ने जब संदिग्ध कार को रुकवाया, तो ड्राइवर श्याम (निवासी झोटवाड़ा) ने दावा किया कि यह गाड़ी विधायक की है और उसे तुरंत जाने दिया जाए। हेड कॉन्स्टेबल ने स्पष्ट कर दिया कि वह विधायक और उनकी अधिकृत गाड़ी को अच्छी तरह पहचानते हैं, क्योंकि वह रोज उसी मार्ग से गुजरती है। इसके बाद ड्राइवर को नियमों और कानून की जानकारी दी गई। 20 हजार की रिश्वत का ऑफर जब विधायक का नाम काम नहीं आया, तो आरोपी ड्राइवर ने मामला रफा-दफा करने के लिए 20 हजार रुपए की रिश्वत देने की पेशकश की। पुलिसकर्मी के मना करने पर एक अन्य व्यक्ति मौके पर पहुंचा और कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दबाव बनाने की कोशिश की। व्यक्ति ने धमकाते हुए कहा कि गाड़ी जब्त करके कौन से कलक्टर बन जाओगे। जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि कार RNN10 का रजिस्ट्रेशन सलुंबर निवासी तुषार के नाम पर है। यानी गाड़ी का विधायक या उनके कार्यालय से कोई संबंध नहीं था। ड्राइवर केवल अवैध VIP सुविधा पाने और पुलिस से बचने के लिए फर्जी नेमप्लेट का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए हेड कॉन्स्टेबल धारासिंह ने तुरंत अपनी उच्चाधिकारी ट्रैफिक सीआई कविता शर्मा को पूरी घटना से अवगत कराया। सीआई कविता शर्मा के निर्देश पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए फर्जी नंबर प्लेट लगी गाड़ी को जब्त कर लिया। सीआई कविता शर्मा ने पुष्टि की कि हाथोज इलाके में फर्जीवाड़ा कर चलाई जा रही इस कार को पकड़कर कालवाड़ थाने भिजवा दिया गया है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है। कालवाड़ा थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि ये कार्रवाई ट्रैफिक पुलिस की और से की गई है। गाड़ी को जब्त कर थाने में खड़ा करवाया गया है। आगे विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने कहा- आरोपी से कोई संबंध नहीं मामले में भास्कर ने विधायक बालमुकुंदाचार्य से फोन पर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में उनके पास पुलिस थाने से कॉल आया था। बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि उनका आरोपी से किसी तरह का कोई संबंध नहीं है। --- ये खबर भी पढ़ें सड़क पर दौड़ रहीं एक ही नंबर की दो कारें:पुलिस लिखी फर्जी कार SP ऑफिस के बाहर खड़ी, 3 जिलों में शिकायत दर्ज उदयपुर और भीलवाड़ा में सामने आए एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही कंपनी और एक ही नंबर की गाड़ी एक ही समय पर 2 अलग-अलग जगहों पर थी। भीलवाड़ा पुलिस ने जिसके नाम गाड़ी आरटीओ में रजिस्टर्ड है उसको फोन कर हटाने के लिए कहा तो उसने कहा उसकी गाड़ी तो उदयपुर में उसके घर है। (पूरी खबर पढ़ें)