जयपुर में एक 15 साल के बच्चे की नाक से दुर्लभ ट्यूमर निकालने का केस सामने आया है। ये ऑपरेशन दिल्ली रोड स्थित NIMS मेडिकल कॉलेज के ENT विभाग ने किया। इस ऑपरेशन को करने में करीब 4-5 घंटे का समय लगा। बड़ी बात ये है कि ऑपरेशन के दौरान बच्चे के शरीर पर कोई चीरा नहीं लगाया गया। ENT विभाग के प्रमुख डॉ. मानप्रकाश शर्मा के मॉनिटरिंग में ये सर्जरी की गई। डॉ. शर्मा ने बताया- बच्चे के दाईं नाक (राइट नेजल कैविटी) में जुवेनाइल नैसोफेरिंजियल एंजियोफाइब्रोमा (JNA) नामक दुर्लभ ट्यूमर था। जो खोपड़ी के बेस (स्कल बेस) तक फैल चुका था। 1 लाख लोगों में से 1 केस पाया जाता है डॉ. शर्मा ने बताया- ये ट्यूमर ज्यादातर किशोर लड़कों में ही पाया जाता है। यह तेजी से बढ़ सकता है। नाक, साइनस व आसपास की हड्डियों तक फैल सकता है। भारत में इसके मामले बहुत कम होते हैं। करीब 1 लाख लोगों में 1 ये केस पाया जाता है। एंडोस्कोपिक के जरिए निकालने का फैसला किया इस ट्यूमर को एंडोस्कोपिक के जरिए निकालने का फैसला किया। ऑपरेशन की मुख्य जिम्मेदारी डॉ. समन्वय सोनी और डॉ. तेजस्विनी जे.एस. ने संभाली। इसमें सर्जरी से पहले इंटरवेंशन रेडियोलॉजी विभाग के डॉ. मनीष शॉ और उनकी टीम ने एम्बोलाइजेशन प्रक्रिया कर ट्यूमर में खून की सप्लाई को नियंत्रित किया, जिससे ऑपरेशन सुरक्षित तरीके से किया जा सका। इसके बाद आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक से बिना बड़ा चीरा लगाए ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला गया। इस पूरी सर्जरी को करने में करीब 4-5 घंटे का समय लगा, जिसमें ENT सर्जन्स के साथ एनेस्थीसिया टीम और नर्सिंग स्टाफ का सहयोग रहा। बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है और आज उसे छुट्टी दे दी।