जयपुर जंक्शन पर रॉन्ग साइड से आने वाले वाहनों पर रोक लगाने के लिए रेलवे प्रशासन ने गेट नंबर-3 पर टायर किलर बैरियर लगा दिए हैं। ताकि रॉन्ग साइड आने वाले वाहनों को रोका जा सकें। खास बात ये रही कि आज रॉन्ग साइड आ रही एक कार के चारों टायर इसमें लगते ही पंचर हो गए। ये बैरियर गेट नंबर-3 की एंट्री और जीआरपी थाने के सामने लगाए गए हैं। स्टेशन डायरेक्टर की पहल पर उठाया गया यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया है। ताकि रॉन्ग साइड आ रहे वाहन चालक दुर्घटना का शिकार न हो। हालांकि स्टेशन के बाहर जाम, अवैध पार्किंग, अनऑथराइज्ड टैक्सी स्टैंड और अतिक्रमण जैसी समस्याएं अब भी जस की तस हैं। यात्रियों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण स्टेशन पहुंचना आज भी चुनौती बना हुआ है। इसलिए लगाने पड़े टायर किलर बैरियर कुछ समय पहले रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर में वाहनों की एंट्री केवल गेट नंबर-1 से कर दी थी। इसके बाद परशुराम सर्किल की ओर से आने वाले वाहन यूनियन ऑफिस के सामने से मेट्रो प्लाजा होते हुए परिवहन मार्ग तक पहुंच सकते थे। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग गेट नंबर-3 की ओर रॉन्ग साइड से वाहन लेकर स्टेशन तक पहुंचने लगे थे। इससे कई बार दुर्घटना की आशंका बन रही थी। लगातार बढ़ रही इस समस्या को देखते हुए स्टेशन डायरेक्टर ने टायर किलर बैरियर लगाने का फैसला लिया। जीआरपी थाने तक ही वाहनों की एंट्री फिलहाल गेट नंबर-3 की ओर से आने वाले वाहनों को जीआरपी थाने के बाहर तक ही आने की अनुमति है। यहां से आगे यात्रियों को पैदल स्टेशन तक जाना पड़ता है। इसी से बचने के लिए कई लोग गलत दिशा से वाहन लेकर सीधे स्टेशन तक पहुंच जाते थे। अब बैरियर लगने के बाद ऐसा करना संभव नहीं होगा। कार के चारों पहिए एक साथ पंचर, बैरियर भी टूटा टायर किलर बैरियर लगने के कुछ घंटों बाद ही आज सुबह करीब 10 बजे एक कार चालक रॉन्ग साइड से गेट नंबर-3 की एंट्री की ओर आया। जैसे ही कार टायर किलर बैरियर पर चढ़ी, उसके चारों पहिए एक साथ पंचर हो गए। टक्कर के दौरान बैरियर भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। रेलवे प्रशासन ने दोपहर बाद बैरियर की मरम्मत कराकर उसे दोबारा चालू कर दिया। जाम से अब भी परेशान हैं यात्री रेलवे प्रशासन ने रॉन्ग साइड की समस्या पर कार्रवाई की है, लेकिन जीआरपी थाने के सामने लगने वाले रोजाना के जाम से यात्रियों को राहत नहीं मिल सकी है। सुबह के समय, खासकर डबल डेकर ट्रेन के संचालन के दौरान यहां लंबा जाम लग जाता है। कई बार यात्री इसी जाम में फंसकर ट्रेन तक नहीं पहुंच पाते और उनकी ट्रेन छूट जाती है। यात्रियों का कहना है कि इस समस्या के समाधान के लिए रेलवे, जीआरपी और ट्रैफिक पुलिस के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है। अनऑथराइज्ड टैक्सी स्टैंड भी बना परेशानी गेट नंबर-3 के पास मेट्रो स्टेशन के नीचे अनऑथराइज्ड टैक्सी स्टैंड बना हुआ है। यहां बड़ी संख्या में ओला, उबर और अन्य टैक्सियां खड़ी रहती हैं। इससे सड़क संकरी हो जाती है और यात्रियों के साथ अन्य वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। कई बार स्टेशन आने वाले यात्रियों को सामान के साथ जाम के बीच पैदल निकलना पड़ता है। वन-वे व्यवस्था से बढ़ा लंबा चक्कर ट्रैफिक पुलिस ने मेट्रो स्टेशन की ओर से परशुराम सर्किल तक जाने वाले रास्ते को वन-वे कर रखा है। वहीं सड़क किनारे गंदगी और अतिक्रमण के कारण इस मार्ग पर भी आवाजाही आसान नहीं है। ऐसे में कई लोगों को स्टेशन पहुंचने के लिए खासा कोठी पुलिया के नीचे से लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। गेट नंबर-1 पर भी बनी हुई है समस्या स्टेशन की एंट्री अब मुख्य रूप से गेट नंबर-1 से है, लेकिन यहां ऑटो रिक्शा स्टैंड होने के कारण पैदल यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होती है। भीड़ के समय यात्रियों को ऑटो और अन्य वाहनों के बीच से निकलकर स्टेशन तक पहुंचना पड़ता है। री-डेवलपमेंट के बीच बढ़ीं उम्मीदें जयपुर जंक्शन पर पिछले करीब ढाई साल से री-डेवलपमेंट का काम चल रहा है। इस दौरान यात्रियों को लगातार बदली हुई यातायात व्यवस्था और निर्माण कार्य के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। टायर किलर बैरियर लगाकर रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम जरूर उठाया है, लेकिन यात्रियों का मानना है कि यदि जाम, अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और अनऑथराइज्ड टैक्सी स्टैंड जैसी समस्याओं का भी स्थायी समाधान किया जाए, तभी स्टेशन के बाहर की यातायात व्यवस्था वास्तव में सुगम हो सकेगी। ट्रैफिक पुलिस भी रॉन्ग साइड से आने वाले वाहन चालकों के खिलाफ लगातार चालान की कार्रवाई कर रही है। ऐसे में बैरियर लगने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर और प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है।