जयपुर जंक्शन से टैक्सी (हुंडई कार) किराए पर लेकर आए बदमाशों ने नगरफोर्ट थाना क्षेत्र में टैक्सी को रुकवाकर ड्राइवर के मुंह, हाथ-पैर बांधकर जंगल में फेंक दिया। बाद में बदमाश कार लेकर फरार हो गए। यह मामला बुधवार मध्यरात्रि बाद करीब साढ़े बारह बजे का है। घटना के करीब एक घंटे बाद टैक्सी ड्राइवर जैसे तैसे हाथ पैर खोलकर मुंह का कपड़ा भी खोला। फिर परिजनों को फोन पर पूरी बात बताई। परिजनों ने पुलिस को मोबाइल से कॉल कर घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित को सुरक्षित जगह पहुंचाया। उधर गुरुवार को इसकी रिपोर्ट पीड़ित ने नगरफोर्ट थाने में दी है। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। 3000 हजार में टोल समेत किराया तय किया उनियारा डीएसपी आकांक्षा चौधरी ने बताया कि पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार सवाई माधोपुर निवासी पीड़ित ड्राइवर ओमप्रकाश मीणा 15 अप्रैल की रात करीब 12:30 बजे जयपुर जंक्शन पर अपनी टैक्सी (नंबर RJ 25 TA 3421) के साथ खड़ा था। वहां तीन युवक आए और टोंक से आगे नगरफोर्ट चलने के लिए 3000 रुपए और टोल खर्च पर सौदा तय किया। ड्राइवर उन्हें टैक्सी में लेकर जयपुर से रवाना हो गया। जयपुर से रवाना होने के बाद कोथून मोड पर कार में सीएनजी भरवाई गई। नगरफोर्ट के पास पहुंचते ही एक चौराहे पर आरोपियों ने गाड़ी को सड़क किनारे लगवा दिया, जहां पहले से एक अन्य युवक खड़ा था। पिछली सीट पर डाल मारपीट की रिपोर्ट में बताया- ​बदमाशों ने अचानक चालक ओमप्रकाश पर हमला कर दिया और उसे पिछली सीट पर डाल दिया। आरोपियों ने चालक का मुंह और हाथ-पैर कपड़े से बांध दिए। इसके बाद बिंजारी गांव के पास सुनसान जंगल में पीड़ित को फेंक कर आरोपी गाड़ी लेकर भाग गए। ​पीड़ित ने जैसे-तैसे अपने हाथ-पैर खोले और सड़क पर आकर किसी के फोन से अपने परिजनों को सूचना दी। इसकी जांच नगरफोर्ट थाने के ASI एएसआई करण सिंह मीणा कर रहे हैं। ​पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है और हाईवे के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। राहत की बात यह रही कि बदमाशों ने चालक के साथ मारपीट नहीं की और न ही कोई अन्य कीमती सामान लूटा। उनका मुख्य उद्देश्य केवल वाहन चोरी करना था।