जयपुर में फुड सेफ्टी की टीम ने मालवीय नगर इलाके में एक डेयरी से 500 किलोग्राम घटिया पनीर का स्टॉक नष्ट करवाया। ये पनीर अलवर से जयपुर में बेचने के लिए लाया गया था। सीएमएचओ की टीम ने छापेमारी के दौरान देखा कि पनीर खराब था और बदबू आ रही थी। इसके बाद पनीर का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया। टीम ने मौके पर खराब पनीर के 500 किलोग्राम का स्टॉक नष्ट करवाया। जयपुर CMHO सेकंड डॉ. मनीष मित्तल ने बताया- मौके पर मौजूद दुकानदार इरफान पुत्र आस मोहम्मद से जब पूछताछ की तो पता चला कि पनीर को अलवर से 200 रुपए प्रति किलो की दर पर खरीदा जाता है। इसके बाद जयपुर शहर में अलग-अलग ढाबों और रेस्टोरेंटों में बेच देते है। टीम ने पनीर को देखा तो वह रबड़ की तरह खींच रहा था और उसमें दुर्गन्ध आ रही थी इसके बाद टीम ने पनीर के अलग-अलग सैंपल लेकर उनको जांच के लिए लैब भिजवाया और मौके पर रखे करीब 500 किलोग्राम के स्टॉक को नष्ट करवाया। कुकिंग ऑयल और मिल्क पाउडर से बनाते है घटिया पनीर सीएमएचओ ने बताया- आमतौर पर इस तरह का पनीर रिफाइंड कुकिंग ऑयल और मिल्क पाउडर से तैयार किए जाते है, जो 200 रुपए या उससे भी कम रेट पर बेचा जाता है। ऐसे पनीर को व्यापारी होटलों में करीब 300 से 400 रुपए तक की दर पर भी बेच देते हैं ताकि होटल मालिक को पनीर की क्वालिटी को लेकर शक ना हो। मावा, दूध के लिए सैंपल इधर सीएमएचओ फर्स्ट की टीम ने शनिवार को अलसुबह चौंमू के पास चिथवाड़ी मोड़ से घठवाड़ा क्षेत्र तक मौजूद मावा बनाने वाली फैक्ट्री और दूध सप्लाई सेंटर पर विजिट करके दूध, मावा के सैंपल लिए। सीएमएचओ फर्स्ट डॉ. रवि शेखावत के नेतृत्व में टीम ने गठवाड़ा गांव स्थित श्री बालाजी मावा भंडार, एस.एस. डेयरी, श्री श्याम मावा पनीर उद्योग, माहिर मावा भंडार (NH-1 दिल्ली रोड) और चिथवाड़ी मोड़ स्थित मैसर्स एम.के. एंटरप्राइजेज, अलंकार मावा पनीर भंडार सहित अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की। यहां जांच के बाद मावा और दूध के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भिजवाए।