जयपुर मेट्रो के 41 किलोमीटर लंबे सेकंड फेज का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज करेंगे। प्रहलादपुरा से सीकर रोड टोडी तक प्रस्तावित इस कॉरिडोर पर 13 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रोजेक्ट को साढ़े पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके लिए पूरे काम को 5 जोन में बांटा गया है। इस रूट की पहली डीपीआर साल 2011 में कांग्रेस सरकार के दौरान तैयार की गई थी। इसके बाद 15 साल में कांग्रेस और भाजपा सरकारों के कार्यकाल में 5 बार बदलाव हुए। इसमें 12 करोड़ रुपए खर्च हुए। डेढ़ साल पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने परियोजना को मंजूरी दी। पहला हिस्सा 12 किमी का, दूसरा अंडरग्राउंड होगा मेट्रो अधिकारियों के अनुसार 41 किमी लंबे कॉरिडोर में कुल 36 स्टेशन बनाए जाएंगे। पहले जोन में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक 12 किमी हिस्से का काम शुरू हो चुका है। इस पर 918 करोड़ रुपए खर्च होंगे। दूसरे जोन में पिंजरापोल गोशाला से जवाहर सर्किल रोड एयरपोर्ट तक 3 किमी लंबा कॉरिडोर बनेगा। यह पूरा हिस्सा अंडरग्राउंड होगा और दो स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस खंड पर करीब 1160 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसका टेंडर जारी हो चुका है, जो 22 जुलाई को खोला जाएगा। शेष तीन जोन के लिए भी जल्द वर्क ऑर्डर जारी किए जाएंगे। खासाकोठी बनेगा नया इंटरचेंज हब फेज-1 में भी बदलाव किया गया है। बड़ी चौपड़ से मानसरोवर के बीच संचालित मेट्रो लाइन पर खासाकोठी में नया स्टेशन बनेगा। इससे फेज-1 में स्टेशनों की संख्या 11 से बढ़कर 12 हो जाएगी। खासाकोठी पर ही फेज-2 का स्टेशन भी विकसित होगा। दोनों स्टेशन 150 मीटर लंबे फुट ओवरब्रिज से जोड़े जाएंगे। इससे यात्रियों को इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी।