दीपावली से पहले जयपुर की सफाई व्यवस्था, रोशनी और सौंदर्यीकरण को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम ने 100 दिवसीय कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत शहर के सभी 150 वार्डों में स्वच्छता उत्सव आयोजित किए जाएंगे। त्योहारी सीजन में 15 अक्टूबर से 14 नवंबर तक 3000 अतिरिक्त सफाई कर्मचारी तैनात होंगे। वहीं, दीपावली से पहले 6000 नई एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने का लक्ष्य रखा गया है। निगम ने 31 अक्टूबर को शहरव्यापी ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0 और 24 अक्टूबर को रंग दे गुलाबी 2.0 अभियान आयोजित करने की योजना बनाई है। शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में मेयर सुनील कोठारी ने बताया कि कार्ययोजना में सफाई, कचरा प्रबंधन, प्रकाश व्यवस्था, सौंदर्यीकरण, सड़क-नाली सुधार और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। प्रत्येक वार्ड में पार्षद की अनुशंसा पर 50 लाख रुपए तक के विकास कार्य कराए जाएंगे। सभी 150 वार्डों में समान रूप से काम कराने की योजना है। दूसरी पारी में भी चलेंगी सफाई मशीनें दीपावली के दौरान बाजारों और रिहायशी इलाकों में कचरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए निगम 3000 अतिरिक्त कर्मचारी लगाएगा। इसके अलावा जेसीबी, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित 45 मशीनी यूनिट दूसरी पारी में भी संचालित होंगी। इस व्यवस्था पर करीब 5 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। संकरी गलियों की सफाई के लिए आठ लिटर पिकर मशीनें खरीदी जाएंगी। वहीं, सीवर जाम और ओवरफ्लो की समस्या दूर करने के लिए 50 सीवर जेटिंग मशीनों के संचालन एवं रखरखाव की व्यवस्था की जाएगी। 10 हजार लाइटें, बाजारों का होगा सौंदर्यीकरण शहर में 100 दिनों के दौरान 10 हजार नई एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने का लक्ष्य है। इनमें से 6000 दीपावली से पहले और 4000 बाद में लगाई जाएंगी। 24 अक्टूबर को रंग दे गुलाबी 2.0 अभियान के तहत सार्वजनिक स्थलों और दीवारों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। दीपावली पर खुशियों वाली दिवाली के तहत वार्ड, आवासीय-व्यावसायिक सजावट और बाजार सजावट की प्रतियोगिताएं भी होंगी। व्यापार मंडलों को सफाई और व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए सात के बजाय 11 दिन मिलेंगे। 465 करोड़ के सीवरेज कार्यों पर भी फोकस निगम कमिश्नर ओम कसेरा के अनुसार, 31 अक्टूबर को ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0 के तहत रात में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। अमृत 2.0 के तहत 465.14 करोड़ रुपए के सीवरेज कार्यो के कार्यादेश जारी हो चुके हैं। इन्हें सात जोन में तीन पैकेज के तहत शुरू करने का लक्ष्य है। सड़क मरम्मत, नालियों की सफाई और निर्माण मलबे के उठाव पर भी ध्यान दिया जाएगा। उपमहापौर सरोज कंवर ने स्वच्छता नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए जुर्माना वसूली और पॉलीथिन पर रोक लगाने की जरूरत बताई।