जयपुर के नीरज शर्मा हत्याकांड में अब एक नया मोड़ सामने आया है। नीरज शर्मा के भाई राकेश शर्मा का दावा है कि प्रॉपर्टी हड़पने के लिए चचेरे भाई रवि उर्फ बलराम ने आयुषी शर्मा (23) को अपने प्रेम जाल में फंसाया था। बलराम और आयुषी लिव इन में रह रहे थे। राकेश शर्मा ने बताया- रवि ने आयुषी को पूरी तरह अपने वश में कर लिया था। इसके बाद पहले आयुषी के बीमार पिता विजय शर्मा की हत्या करवाई। इसके बाद घर से चुराए गए गहनों और कैश के दम पर मां (नीरज शर्मा) की हत्या के लिए बदमाशों को सुपारी दी थी। राकेश शर्मा ने पुलिस से दोनों ही मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पहले जानिए क्या था मामला… प्रताप नगर थाना इलाके के रविन्द्र नगर में रहने वाली नीरज शर्मा (45) 3 जुलाई को शाम करीब 4:45 बजे बेटे को कोचिंग छोड़कर लौट रही थी। इसी दौरान उन्हें स्कॉर्पियो से कुचल दिया था। पुलिस जांच में सामने आया कि बेटी ने अपने ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर मर्डर प्लान किया था। इसके बाद 7 लाख रुपए की सुपारी देकर मां को स्कॉर्पियो से कुचलवा दिया था। पुलिस ने इस मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। नीरज शर्मा के भाई ने लगाए ये 4 आरोप… 1. पुलिस ने शिकायत सुनी होती तो बहन की जान बच सकती थी राकेश शर्मा का आरोप है कि 1 मार्च 2026 को बहन नीरज शर्मा ने सांगानेर थाने में शिकायत दी थी। पुलिस को घर का ताला तोड़कर कब्जा करने की कोशिश, ज्वेलरी-कैश और कीमती सामान चोरी होने की बात बताई थी। पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। चोरी हुई ज्वेलरी-कैश का यूज बहन नीरज की हत्या के लिए बदमाशों को सुपारी देने में किया गया। पुलिस ने समय रहते शिकायत सुनी होती तो बहन की जान बच सकती थी। 2. विजय शर्मा की संदिग्ध मौत हो सकती है हत्या राकेश शर्मा ने दावा किया जीजा विजय शर्मा (नीरज शर्मा के पति) की भी संदिग्ध मौत हुई थी। राजस्थान हाईकोर्ट के कोर्ट मास्टर रहे विजय बीमार हुए थे। ब्रेन ट्यूमर के इलाज के दौरान वह लगातार रिकवर हो रहे थे। इलाज के दौरान बेटी आयुषी और चचेरा भाई रवि उर्फ बलराम उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी दिलाकर ले गए थे। करीब 3 महीने तक उन्हें किसी अन्य जगह रखने के साथ ही परिवार को उनसे मिलने तक नहीं दिया था। बार-बार पूछने पर बताया जाता था कि विजय हॉस्पिटल के आईसीयू में एडमिट है। कुछ समय बाद उन्हें घर लाया गया, जहां उनकी मौत हो गई थी। 3. प्रॉपर्टी के लिए रची थी प्लानिंग राकेश शर्मा ने कहा- प्रॉपर्टी हड़पने को लेकर पूरी प्लानिंग रची गई थी। विजय-नीरज अपने परिवार के साथ रहते थे। रवि उर्फ बलराम पढ़ाई में कमजोर और बेरोजगार था। जीजा विजय के पास आने पर उन्होंने उसे LLB करवाई। पढ़ाई के दौरान साथ रहने के समय ही बलराम ने प्रॉपर्टी हड़पने की प्लानिंग की। प्रॉपर्टी हड़पने के लिए प्लान के तहत आयुषी को मोहरा बनाकर अपने प्रेमजाल में फंसाया। साल 2025 के लास्ट में आयुषी को बलराम ने पूरी तरह अपने वश में कर लिया था। उसके कहे अनुसार, वह घर पर झगड़ा करने लगी थी। 4. पहले जूस में जहर देकर हत्या का प्रयास किया था राकेश शर्मा ने दावा किया कि पिछले एक साल से परिवार से अलग होकर बलराम और आयुषी लिव-इन में रह रहे थे। बलराम ने संपत्ति के लालच में आयुषी की मदद से पहले विजय को मारा। बलराम को लगता था कि विजय की मौत के बाद उनकी जगह सरकारी नौकरी पर आयुषी लग जाएगी। बंटवारा करवाने पर आयुषी के हिस्से आने वाली संपत्ति पर उसका हक हो जाएगा। विजय की मौत के बाद आयुषी के दबाव डालने के बाद भी मां नीरज ने खुद नौकरी जॉइन कर ली। … इस मर्डर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… सरकारी नौकरी-प्रॉपर्टी के लिए बेटी ने करवाई मां की हत्या,VIDEO:ताऊ और चचेरे भाई के साथ प्लानिंग की, तेज रफ्तार गाड़ी से कुचलवा दिया; 7 गिरफ्तार जयपुर- बेटी ने पहले टोना-टोटका करवाया, फिर मां का मर्डर,VIDEO:घर में काली गुड़िया में आग लगाई, तंत्र-मंत्र कर नारियल रखा, फिर जलाया मां की हत्या-कराने वाली बोली-नहीं चाहती थी भाई चोटिल हो:राइट साइड में चलती कार ने लेफ्ट में जाकर टक्कर मारी, इसी से हुआ शक