जयपुर के 11 वर्ष के विहान जैन ने एक मिनट में 134 फ्रंट स्लैप किक्स लगाकर कीर्तिमान बनाया। वहीं नेशनल मेडलिस्ट और ब्लैक बेल्ट सेकेंड डैन रक्षत धनोपिया ने 2 किलोग्राम अतिरिक्त वजन के साथ एक मिनट में 242 साइड एल्बो स्ट्राइक्स लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया। जयपुर में आयोजित विशेष मार्शल आर्ट्स कार्यक्रम में इन दो युवा खिलाड़ियों ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया। विहान जैन और रक्षत धनोपिया ने शिवा क्लब की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अद्भुत तकनीक और सहनशक्ति का प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड कायम किए। कार्यक्रम में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से आए आधिकारिक एडजुडिकेटर राजा मुकीम ने दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने बताया- विहान जैन ने एक मिनट में 134 फ्रंट किक्स और रक्षत धनोपिया ने 2 किलो वजन के साथ 242 एल्बो स्ट्राइक्स लगाकर रिकॉर्ड बनाया। इस दौरान दोनों खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। विहान जैन ने तोड़ा खुद का रिकॉर्ड महज 11 वर्ष के विहान जैन ने अपनी तेज गति और बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन किया। विहान ने एक मिनट में 134 फ्रंट स्लैप किक्स लगाकर कीर्तिमान बनाया। इससे पहले भी विहान इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। खास बात यह रही कि अगस्त 2025 में उन्होंने एक मिनट में 119 किक्स लगाकर रिकॉर्ड बनाया था। इसे अब उन्होंने खुद ही तोड़ते हुए 134 किक्स का नया रिकॉर्ड स्थापित किया। विहान ने बताया- वे पिछले चार वर्षों से ताइक्वांडो की ट्रेनिंग ले रहे हैं और रोज करीब दो घंटे अभ्यास करते हैं। शुरुआत में उन्हें किक्स लगाने में कठिनाई होती थी और थोड़ा डर भी लगता था। इसके बाद नियमित अभ्यास और कोच के मार्गदर्शन से आत्मविश्वास बढ़ता गया। कई टूर्नामेंट में हिस्सा लिया, जिनमें कुछ में जीत मिली तो कुछ में अनुभव। अब रिकॉर्ड बनाकर अपने खेल सफर में बड़ी उपलब्धि हासिल की। रक्षत धनोपिया ने एक मिनट में किए 242 एल्बो अटैक नेशनल मेडलिस्ट और ब्लैक बेल्ट सेकेंड डैन रक्षत धनोपिया ने भी शानदार प्रदर्शन किया। रक्षत ने 2 किलोग्राम अतिरिक्त वजन के साथ एक मिनट में 242 साइड एल्बो स्ट्राइक्स लगाकर रिकॉर्ड बनाया। यह प्रदर्शन उनकी ताकत, सहनशक्ति और तकनीकी दक्षता का बेहतरीन उदाहरण रहा। रक्षत सात वर्षों से ताइक्वांडो की प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने बताया- शुरुआत में उनकी स्टैमिना काफी कम थी और कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन लगातार मेहनत और नियमित अभ्यास से उन्होंने खुद को मजबूत बनाया। वे रोजाना कई सेट में अभ्यास करते हैं। कई बार तीन से चार घंटे तक ट्रेनिंग की। उन्होंने कोच प्रदीप सिंह राजावत और सुरभि शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से ही यह सफलता संभव हो पाई। कोच बोले – खिलाड़ियों की मेहनत रंग लाई खिलाड़ियों के कोच प्रदीप सिंह राजावत ने बताया- दोनों खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। रक्षत सात साल से और विहान लगभग चार-पांच साल से अभ्यास कर रहे हैं। कई बार ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ियों को पैरों और कमर में दर्द भी हुआ, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अभ्यास जारी रखा। उन्होंने कहा- उनकी अकादमी में मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग के साथ-साथ लड़कियों को सेल्फ डिफेंस भी सिखाया जाता है। इसके अलावा खिलाड़ियों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के ताइक्वांडो टूर्नामेंट के लिए भी तैयार किया जाता है। उनका सपना है कि उनकी अकादमी से कोई खिलाड़ी एक दिन ओलंपिक तक पहुंचे। खिलाड़ियोंं के पेरेंट्स रहे मौजूद कार्यक्रम में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर सुरभि शर्मा ने खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण की सराहना की। इसके अलावा राजेश कुमार (सहायक लेखा अधिकारी सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग) भी मौजूद रहे। इस अवसर पर दो बार के पैरा ओलंपियन कृष्णा नागर ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा- ऐसी उपलब्धियां युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करती हैं। कार्यक्रम में खिलाड़ियों के माता-पिता और खेल प्रेमियों की मौजूदगी में रिकॉर्ड बनने के बाद उत्साह का माहौल देखने को मिला।