जयपुर में मालवीय नगर स्थित महिमा ग्रुप के क्रिस्टल कोर्ट मॉल में दो दिनों से 300 से ज्यादा दुकानों पर ताले लटके हैं। व्यापारी मॉल के बाहर धरने पर बैठे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि लाखों रुपए किराया, हर महीने हजारों रुपए मेंटेनेंस चार्ज और अलग से बिजली बिल देने के बावजूद मॉल में एसी बंद हैं। एस्केलेटर दो महीने से ठप पड़ा है। सफाई और सुरक्षा व्यवस्था बदहाल है। कई बार शिकायत के बाद भी मैनेजमेंट ने कोई सुनवाई नहीं की। इसके बाद व्यापारियों ने दुकानें बंद कर आंदोलन शुरू कर दिया। धरने की वजह से मॉल का कारोबार प्रभावित हो गया है। व्यापारियों ने कहा- दो दिनों में करीब एक करोड़ रुपए के कारोबार पर असर पड़ा है। गंदगी और अव्यवस्था होने से ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे। व्यापारियों ने कहा- जब तक सभी सुविधाएं बहाल नहीं होंगी, तब तक दुकानें नहीं खुलेंगी। दो दिन से पूरा मॉल बंद क्रिस्टल कोर्ट मॉल में रेडीमेड गारमेंट्स, फैशन, फुटवियर, कॉस्मेटिक्स समेत कई तरह के रिटेल कारोबार होते हैं। यहां बड़ी संख्या में दुकानें किराए पर संचालित हैं। व्यापारियों ने कहा- लाखों रुपए निवेश और भारी खर्च के बावजूद ग्राहकों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। इससे कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है। दो महीने से एस्केलेटर बंद, ग्राहक ऊपर नहीं पहुंचते रेडीमेड गारमेंट्स शॉप संचालक बंटी ने बताया- मॉल का मेंटेनेंस महिमा ग्रुप की कंपनी के पास है, लेकिन सुविधाओं की हालत बेहद खराब है। पिछले करीब दो महीने से एस्केलेटर बंद पड़ा है। एसी सही तरीके से नहीं चल रहे हैं। पूरे मॉल में केवल पांच-छह गार्ड हैं। सफाई व्यवस्था खराब है। वॉशरूम भी गंदे पड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि ग्राहक रोज इन समस्याओं की शिकायत करते हैं, लेकिन मैनेजमेंट कोई ध्यान नहीं देता। डेढ़ लाख तक किराया, 23 हजार मेंटेनेंस... फिर भी सुविधा नहीं गारमेंट्स व्यापारी मनोहर लाल ने बताया- एक दुकान का मासिक किराया एक लाख से डेढ़ लाख रुपए तक है। इसके अलावा हर महीने 22 से 23 हजार रुपए मेंटेनेंस चार्ज और अलग से बिजली बिल देना पड़ता है। इसके बावजूद बिजली कटने पर बैकअप नहीं मिलता और जनरेटर भी काम नहीं करता। कई बार लिखित शिकायत देने के बाद भी मैनेजमेंट की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। व्यापारियों की चेतावनी, पहले सुविधा, फिर कारोबार धरने पर बैठे व्यापारियों ने कहा- जब तक एसी, एस्केलेटर, सुरक्षा, सफाई और बिजली बैकअप जैसी सभी व्यवस्थाएं ठीक नहीं होंगी, तब तक कोई भी दुकानदार अपनी दुकान नहीं खोलेगा। उनका आरोप है कि मैनेजमेंट बातचीत करने तक नहीं आ रहा और शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। धरने पर पहुंचीं कांग्रेस की पूर्व प्रत्याशी अर्चना शर्मा मालवीय नगर विधानसभा सीट से कांग्रेस की पूर्व प्रत्याशी अर्चना शर्मा भी व्यापारियों के बीच पहुंचीं। उन्होंने कहा- यह शहर के सबसे प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में से एक है। जहां अच्छी-खासी फुटफॉल रहती है। व्यापारियों ने मुझे बताया कि दो दिनों में करीब एक करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है। अर्चना शर्मा ने कहा- व्यापारी नियमित रूप से मेंटेनेंस चार्ज देते हैं, लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। अगर चार्ज जमा नहीं करें तो बिजली काट दी जाती है, लेकिन एसी और एस्केलेटर चालू रखने की जिम्मेदारी कोई नहीं निभा रहा। उन्होंने कहा कि मैंने मैनेजमेंट से बात करने की कोशिश की, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। कंज्यूमर कोर्ट के आदेश का भी दिया हवाला अर्चना शर्मा ने कहा- व्यापारियों के पास कंज्यूमर कोर्ट का स्टैंडिंग ऑर्डर है, जिसमें साफ तौर पर मॉल मालिक की जिम्मेदारी तय की गई है कि वह मेंटेनेंस और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं निकलता है तो व्यापारी दोबारा कंज्यूमर कोर्ट जाएं और जरूरत पड़ने पर सरकार और जनप्रतिनिधियों के सामने भी अपनी बात रखें। व्यापारियों की मांग दो महीने से बढ़ती गई परेशानी व्यापारियों ने कहा- पिछले दो महीने से लगातार शिकायतों के बावजूद हालात नहीं सुधरे। गर्मी में एसी बंद होने से लोग खरीदारी किए बिना लौट रहे हैं। कारोबार लगातार गिर रहा है। उनका कहना है कि जब तक मैनेजमेंट सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं करेगा, तब तक मॉल की एक भी दुकान नहीं खुलेंगी।