दैनिक भास्कर की ‘जीतो 16 करोड़’ स्कीम के 16 अक्टूबर को निकले बंपर ड्रॉ ने जयपुर के श्याम विहार एडवोकेट कॉलोनी निवासी यादव परिवार की दिवाली को यादगार बना दिया। रिटायर्ड स्टेनो सुभाष यादव 13 साल से लगातार प्रतियोगिता के कूपन भर रहे थे, लेकिन इस बार उन्होंने पत्नी परमेश यादव (57) के नाम से कूपन भरा और किस्मत चमक गई। परिवार को 2 BHK फ्लैट का बंपर पुरस्कार मिला। दैनिक भास्कर की टीम मंगलवार को डमी चाबी लेकर परिवार के घर पहुंची तो पूरे मोहल्ले में जश्न का माहौल बन गया। ढोल की थाप पर परिवार की महिलाओं ने नृत्य किया और पड़ोसियों के साथ खुशियां शेयर कीं। परमेश ने कहा- यह तोहफा मेरे दोनों पोतों हार्दिक और तन्मय के भविष्य के लिए है। यह फ्लैट दोनों पोतों के नाम करना चाहती हूं। उपमुख्यमंत्री के फोन के बाद हुआ यकीन परमेश यादव ने बताया- पहली बार फ्लैट जीतने की सूचना मिली तो मुझे भरोसा नहीं हुआ। आजकल फर्जी कॉल और ठगी की घटनाओं के कारण मुझे लगा कि शायद कोई मजाक कर रहा है या ठगी की कोशिश है। जब उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने खुद फोन कर बधाई दी, तब परिवार को इस खुशखबरी पर यकीन हुआ। उन्होंने हंसते हुए बताया- मेरे पति साल 2011 से अपने नाम पर कूपन भरते आ रहे थे। इस बार उन्होंने कहा कि परमेश का नाम भाग्यशाली है, इसलिए मेरे नाम से कूपन भरा। परमेश ने कहा- दिवाली पर आमतौर पर पति पत्नी को उपहार देते हैं, लेकिन इस बार मैंने भास्कर के जरिए अपने पति को जिंदगी का सबसे बड़ा दिवाली गिफ्ट दे दिया। नए आशियाने में भी मनाएंगे दिवाली परमेश ने कहा- मेरे लिए यह प्राइज केवल एक मकान नहीं, बल्कि परिवार की आने वाली पीढ़ी के लिए अनमोल सौगात है। परिवार करीब 45 साल पहले हरियाणा के नारनौल क्षेत्र के मांदी गांव से जयपुर आया था। सुभाष यादव करीब 20 साल से श्याम विहार एडवोकेट कॉलोनी स्थित घर में संयुक्त परिवार के साथ रह रहे हैं। परिवार में 8 सदस्य हैं। परमेश ने कहा- इस बार पुराने घर के साथ नए आशियाने में भी पूरा परिवार मिलकर दिवाली मनाएगा। कॉलोनी में ‘सरपंचनी’ के नाम से मशहूर हैं परमेश परमेश के व्यावहारिक ज्ञान, हाजिरजवाबी और बेबाक अंदाज ने उन्हें कॉलोनी में खास पहचान दिलाई है। कॉलोनी समिति के अध्यक्ष जसवंत सिंह यादव ने परमेश के व्यक्तित्व को देखते हुए उन्हें ‘सरपंचनी’ नाम दिया था। अब पूरी कॉलोनी उन्हें इसी नाम से जानती है। कॉलोनी में जब ‘सरपंचनी’ के नाम मंगलवार को फ्लैट निकलने की खुशी पता चली, तो पड़ोसी भी जश्न में शामिल हो गए। परमेश ने पति सुभाष यादव, बेटों, बहुओं प्रियंका और शर्मिला यादव सहित पड़ोसियों के साथ ढोल पर डांस कर खुशी मनाई। उनके बड़े बेटे गोविंद यादव जेडीए में असिस्टेंट प्रोग्रामर हैं, जबकि छोटे बेटे मनोज यादव एडवोकेट हैं। 2002 से भास्कर पढ़ रहा परिवार परमेश के पति सुभाष यादव ने बताया- हमारा परिवार साल 2002 से दैनिक भास्कर पढ़ रहा है। परिवार के सदस्यों के अनुसार-अखबार में बच्चों से लेकर सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी मिलती है। सुभाष यादव राजनीतिक और खेल समाचार पढ़ते हैं, जबकि परमेश और उनकी दोनों बहुएं मधुरिमा व सिटी भास्कर पढ़ती हैं। घर के बच्चे हार्दिक और तन्मय भी पढ़ाई के साथ अखबार से जुड़ रहे हैं। अखबार वितरक ने भी जताई खुशी समाचार पत्र वितरक राकेश सैनी ने कहा- लंबे समय से इस क्षेत्र में अखबार बांट रहा हूं। मेरे ग्राहक को दिवाली से पहले फ्लैट जैसा बड़ा उपहार मिलना मेरे लिए भी खुशी की बात है। उन्होंने कहा- दैनिक भास्कर पाठकों को समय-समय पर ऐसी योजनाओं के माध्यम से पुरस्कार जीतने का अवसर देता है।